नगर से छह किमी दूर काशीपुर रेलवे ट्रैक पर रविवार तड़के ट्रेन की चपेट में आकर आठ माह के बाघ की मौत हो गई। प्रभागीय वनाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बाघ के शव का पंचनामा कराया। हल्द्वानी पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बाघ का पोस्टमार्टम किया।
रविवार तड़के काशीपुर से लालकुआं आने वाली ट्रेन (55316) गूलरभोज से आगे लालकुआं स्टेशन से महज छह किमी की दूरी पर थी कि अचानक रेलवे ट्रैक को पार करते वक्त आठ माह का बाघ इंजन की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी वन विभाग के वाचर संपूर्णानंद ने वनाधिकारियों को दी। सूचना पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी संनातन और वन क्षेत्राधिकारी गणेश चंद्र त्रिपाठी वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने हल्द्वानी पशु अस्पताल से डा. डीसी जोशी और डा. पूजा को सूचित कर बाघ के शव का पंचनामा कराया। बाघ के शव को टांडा रेंज के कार्यालय पहुंचाकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया, इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी गणेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मृत बाघ की उम्र आठ माह है। संभवत: वह रेलवे ट्रक पार कर समय ट्रेन की चपेट में आ गया, इससे उसका जबड़ा टूट गया और मौत हो गई।