सोमवार दोपहर रामनगर में ढेला नदी के रपटे पर बाघ दिखने की सूचना पर वनाधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक वन्यजीव जंगल में ओझल हो गया। बाघ तीन से चार किमी के दायरे में घूम रहा है।
रामनगर के ढेला में हिंसक बाघ वनकर्मियों को लगातार छका रहा है। सोमवार दोपहर रामनगर में ढेला नदी के रपटे पर बाघ दिखने की सूचना पर वनाधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक वन्यजीव जंगल में ओझल हो गया। बाघ तीन से चार किमी के दायरे में घूम रहा है।
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सोमवार दोपहर ढेला नदी के रपटे में बाघ दिखने की सूचना वनकर्मियों को मिली। इस पर सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय, पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी, कालागढ़ एसडीओ डॉ. शालिनी जोशी व कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा आननफानन मौके पर पहुंचे। पर टीम के पहुंचने से पहले बाघ जंगल के अंदर चला गया। ड्रोन उड़ाकर बाघ को खोजने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। बाघ की मूवमेंट को देखते हुए वनकर्मियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय का कहना है कि वेस्टर्न सर्किल और कॉर्बेट की 18 वनकर्मियों की टीम बाघ को पकड़ने में जुटी है। दो ड्रोन, कैमरे ट्रैप, पिंजरा और एक डमी को मौके पर रखा है। रात में गश्त बढ़ाई है।
सीटीआर निदेशक ने अधिकारियों की बैठक ली
सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने ढेला रेस्ट हाउस में अन्य वनाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाघ को पकड़ने की रणनीति पर गहनता से चर्चा की गई। अधिकारियों को घटनाक्रम पर पल-पल नजर रखने के साथ ग्रामीणों से सामंजस्य बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बाघ को पकड़ने के लिए चिह्नित स्थानों की गंभीरता से मॉनीटरिंग करने, कैमरा ट्रैप सहित हाथियों से गश्त करने पर विचार-विमर्श किया गया।
बाघ को पकड़ने के लिए हथिनियां मैदान में उतरेंगी
ढेला में महिला को निवाला बनाने वाले बाघ को पकड़ने के लिए ढिकाला से सोनाकली व पवनपरी हथिनी को मदद के लिए बुला लिया है। कई रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हथिनियों को आज से रेस्क्यू अभियान में लगाया जाएगा।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में लंबे समय से बाघ का आतंक बना हुआ है। बाघ की तलाश कर उसे पकड़ने के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) ने ढिकाला से पवनपुरी व सोनाकली हथिनियों पर भरोसा जताया है। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि दोनों हथिनियों के साथ ही उनके महावत भी अनुभव वाले हैं। पवनपरी व सोनाकली ने एक साल पहले मोहान में बाघ को पकड़ने के रेस्क्यू अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दोनों हथिनियां सुरक्षित तरीके से टीम को टाइगर के पास तक ले जाती हैं। जंगल में बाघ की मौजूदगी होने पर आवाज निकालकर संकेत देती हैं। यदि बाघ अचानक हमला भी कर दे तो निडरता के साथ सामना करती हैं।
बाघ को पकड़ने के लिए सांसद प्रतिनिधि ने दिया धरना
सांसद प्रतिनिधि इंदर रावत के नेतृत्व में ग्रामीण सोमवार दोपहर ढाई बजे ढेला रेंज कार्यालय में पहुंचे। बाघ को जल्द पकड़ने के लिए ग्रामीणों और इंदर रावत ने करीब एक घंटे तक धरना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर 22 फरवरी तक बाघ नहीं पकड़ा गया तो पार्क प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने धरनास्थल पर पहुंचकर आश्वस्त दिया कि बाघ को जल्द पकड़ लिया जाएगा। यहां भाजपा नेता नरेंद्र शर्मा, अशोक खुल्बे, पूर्व प्रधान राहुल डंगवाल, ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय नेगी, मनोनीत प्रधान हरीश पंचवाल, प्रधान नवीन सती आदि रहे।
बाघ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के लिए मुफ्त चारा दिलाएगा सीटीआर
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अब सहकारिता विभाग के सहयोग से बाघ के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को मुफ्त में चारा उपलब्ध कराएगा। इसके लिए लाभार्थियों के चयन के लिए सभी रेंजरों को पत्र जारी कर दिया गया है। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने सीटीआर निदेशक से ग्रामीणों की चारे की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत ग्रामीणों को चारा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीटीआर निदेशक का कहना है कि चिह्नित ग्रामीण महिलाओं को चारा उपलब्ध कराया जाएगा। कॉर्बेट फांउडेशन से सहकारिता विभाग को चारे का पैसा दिया जाएगा। कहा कि ऐसी ग्रामीण महिलाओं को ही लाभार्थी बनाया जाएगा जो कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत पंजीकृत ईडीसी की सदस्य हो और अपने पालतू मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता के लिए जंगल जाती हो।
अगर पथराव न करते तो पकड़ा जाता बाघ
सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि रविवार सुबह रेस्क्यू टीम बाघ के बेहद करीब पहुंच गई थी। टीम बाघ को अपने रडार में लेने की तैयारी ही कर रही थी कि तभी ग्रामीणों ने वनकर्मियों की टीम पर पथराव कर दिया। पथराव और शोर होने से बाघ भाग गया। यदि ग्रामीण पथराव नहीं करते तो शायद बाघ पकड़ा जाता।