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Nainital News: वो शब्द बेरहम थे, जो निकले थे जुबान से

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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में योग की छात्रा ने इतिहास रच दिया है। रश्मि ने कहा था कि यह लड़की और लड़कियों को सम्मान देने वालों की लड़ाई है। वह आज पहली महिला छात्रसंघ अध्यक्ष बन गई है।
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इस बार के छात्रसंघ चुनाव में चुनाव प्रचार सामान्य तरीके से हो रहा था। 17 दिसंबर को रश्मि लमगड़िया ने भोटिया पड़ाव चौकी पुलिस प्रभारी को सौंपी तहरीर में कहा था कि एबीवीपी से ही छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे उम्मीदार के समर्थकों ने उनको लेकर अभद्र टिप्पणियां की हैं जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। रश्मि ने 18 दिसंबर को छात्र और छात्राओं के बीच जाकर कहा कि लड़की के साथ अन्याय हो रहा है। बाद में एबीवीपी ने कौशल बिरखानी को टिकट दे दिया।
उल्लेखनीय है कि कौशल बिरखानी के समर्थकों पर ही रश्मि ने उनको लेकर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। बाद में जब एबीवीपी से टिकट नहीं मिला तो रश्मि निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद पड़ीं और उन्होंने इसे नारी स्वाभिमान का मुद्दा बना दिया। रश्मि ने कहा कि अगर मैं पीछे हट गईं तो फिर किसी और लड़की की छात्रसंघ राजनीति में आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं होगी। यह बात महिला मतदाताओं को लुभा गई। उन्होंने चुनाव ठीक से पहले अपील करते हुए कहा कि ‘घायल नहीं थे हम किसी तीर और कमान से, वो शब्द बेरहम थे जो निकले थे जुबान से’। पूरे चुनाव के दौरान रश्मि स्वयं एक पीड़िता के तौर पर दिखाने में कामयाब रहीं। उन्होंने कहा कि एक लड़की के साथ अन्याय हो रहा है। आप लोग चुप मत बैठिये जिससे उनके पक्ष में एक हल्की लहर चलने लगी। बाकी का काम एबीवीपी और एनएसयूआई में हुई भीतरघात ने कर दिया।
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