हल्द्वानी। जज फार्म में चोरों ने रिटायर्ड पीसीएस अफसर के घर में सेंधमारी कर दी। चोर संदूक में रखे गहने और रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया।
जज फार्म के सी ब्लॉक में सी-41 नंबर के भवन में रिटायर्ड एसडीएम एसपीएस रावत अपनी पत्नी सुशीला रावत के साथ रहते हैं। भवन परिसर में दूसरे छोर पर घर में काम करने वाले नौकरों के लिए एक ओर घर बना हुआ है। बुधवार की सुबह करीब 5:30 बजे जब सुशीला रावत सोकर उठीं तो देखा कि बेड के पास दराज में रखे संदूक का ताला खुला हुआ है और सामान बिखरा है। जब उन्होंने ठीक से देखा तो पता चला कि संदूक में रखे गहने और रुपये गायब हैं। उस बक्से में 40 हजार रुपये नगद, दो सोने के कंगन, एक मंगलसूत्र, पांच जोड़ी टॉप्स और छह सोने की अंगूठी में रखे थे। आभूषणों का वजन करीब सात तोले है। इनकी कीमत करीब तीन लाख रुपये के आसपास है। ये सब संदूक के अंदर रखे एक छोटे से बक्से में रखे थे। इस बीच एसपीएस रावत भी उठ गए। तुरंत नौकरानी नर्मदा को फोन किया गया। उसने आकर देखा तो ग्रिल का ताला बाहर से टूटा हुआ था। खाली बॉक्स परिसर में पड़ा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और आसपास पड़ताल की।
सन् 1992 में काशीपुर से सेवानिवृत्त हुए थे रावत
हल्द्वानी। एसपीएस रावत की उम्र 88 साल है। वह बीमार हैं। मूलत: नैनीताल निवासी एसपीएस रावत 31 मई 1992 को काशीपुर एसडीएम पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सन 1979 से 1983 तक वे हल्द्वानी में तहसीलदार भी रह चुके हैं। उनका बेटा अपनी पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया रहता है। घर में उन दोनों के अलावा कोई नहीं रहता है। भवन के दूसरे छोर पर नौकरानी अपने परिवार के साथ रहती है जो यहां 16 साल से काम करती है। उसकी बहन सावित्री फूलचौड़ में रहती है, वह भी रोजाना यहां आकर घर के काम करती है।
कुत्ते को किया घायल, दो ताले तोड़े और एक खोला
हल्द्वानी। एसपीएस रावत के घर में दो कुत्ते रहते हैं जो रात को बाहर रहते हैं। नौकरानी ने बताया कि रात को करीब डेढ़ बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज आ रही थी। उसने बाहर आकर देखा, लेकिन घटना का अंदेशा नहीं हुआ। सुबह देखा तो एक कुत्ते के शरीर पर घाव थे। अनुमान है कि चोरों ने कुत्ते को काबू करने के लिए उस पर हमला किया होगा। घर में कहीं भी सीसीटीवी भी नहीं लगे हैं।
नौकरानी बाहर से लगाती है ताला
हल्द्वानी। रात को रावत दंपति के सोने के बाद नौकरानी ग्रिल में बाहर से ताला लगा देती है। भवन परिसर काफी बड़ा है। घर में प्रवेश के लिए दो गेट हैं। पहले चोरों ने दूसरी सड़क पर बने गेट के ताले को तोड़ा, लेकिन गेट जाम होने की वजह से वह खुल नहीं पाया। इसके बाद ग्रिल का ताला तोड़ा, लेकिन ताज्जुब की बात है कि संदूक का ताला तोड़ा नहीं बल्कि खोला गया है। साथ ही चोरी करने के अंदाज से पता चलता है कि चोरों को पहले से ही पता था कि कहां माल रखा है। उसी दराज के ऊपर एक ओर संदूक में 2500 रुपये रखे थे लेकिन चोरों ने उस संदूक को हाथ नहीं लगाया। संभवत: चोरों के पास संदूक का ताला खोलने के लिए उसकी नकल की चॉबी थी या उन्हें पता था कि घर में चाबी कहां रखी है। पुलिस बताया कि वह आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है। साथ ही नौकरानी से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस मानकर चल रही है कि चोरी में किसी परिचित का हाथ हो सकता है।