हल्द्वानी। एचएन इंटर कॉलेज में शनिवार को दो दिवसीय किताब कौतिक का शुभारंभ हुआ। इसमें 75 प्रकाशकों की 80,000 से अधिक पुस्तकों की प्रदर्शनी और स्टॉल लगे। साहित्य प्रेमियों और विद्यार्थियों ने बाल साहित्य, विश्व साहित्य, आध्यात्मिक और उत्तराखंड पर केंद्रित साहित्य की खरीदारी की। इसका मकसद छात्रों में पढ़ने की रुचि पैदा करना और उन्हें किताबों से जोड़ना है।
किताब कौतिक के पहले सत्र में जियारानी और हल्द्वानी के इतिहास पर वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. प्रयाग जोशी, चित्रकार डॉ. गिरीश चंद्र शर्मा और वार्ताकार हिमांशु रिस्की पाठक ने चर्चा की। उत्तराखंड का संगीत उद्योग विस्तार और चुनौतियां विषय पर प्रसिद्ध लोकगायक प्रह्लाद मेहरा, चांदनी इंटरप्राइज के निदेशक नरेंद्र टोलिया और वार्ताकार नितेश बिष्ट ने चर्चा की। इस अवसर पर पहाड़ के जैविक उत्पाद, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। रंगीत आर्ट सेंटर की कुसुम पांडे ने वॉल पेंटिंग, शिवालिक चाइल्ड साइंस क्लब ने विज्ञान वर्कशॉप, भाव राग ताल एकेडमी के कुमार कैलाश ने थियेटर एंड एक्टिंग और क्यू एंड क्यू मेंटर्स ने चैस वर्कशॉप लगाई। पहाड़ के हस्तशिल्प और खगोल विज्ञान के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने। फिल्म मेकिंग, पैरेंटिंग और पहाड़ी होली के विविध स्वरुपों पर सत्र आयोजित हुए। आयोजक हेम पंत और दयाल पांडे ने बताया कि हल्द्वानी में पहली बार कौथिक आयोजन हो रहा है। यहां वरिष्ठ लोकगायिका वीना तिवारी, डॉ. तारा त्रिपाठी, गजेंद्र पांगती, भगवान सिंह सामंत, चारु तिवारी, अरुण कुकसाल आदि मौजूद रहे।
लीफ आर्टिस्ट जया की कला रही आकर्षण का केंद्र
हल्द्वानी। एचएन इंटर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय किताब कौथिक में डीडीहाट की जया वर्मा की लीफ पेंटिंग आकृर्षण का केंद्र रही। जया की आर्ट को रतन टाटा और सोनू सूद से भी सराहना मिल चुकी है। जया ने दोनों की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया था। पेशे से शिक्षिका जया ने बताया कि पीपल के पत्ते पर बनाई कलाकृतियों और गेहूं की नलियों से बनाए स्ट्रॉ के लिए उन्हें कई राज्यों से ऑर्डर मिल चुके हैं। जया ने बताया कि लीफ पेंटिंग दो तरीके से होती है। पहला, जिस पत्ती पर पेंटिंग करनी है उसे भिगाकर जाली निकालने के बाद सूखने पर पेंटिंग की जाती है। दूसरे तरीके में हरी पत्तियों पर ही पेंटिंग कर उसे सुखाया जाता है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में दो-तीन दिन लगते हैं।