हल्द्वानी। निबंधक कार्यालय में गौला पार इलाके से जुड़ी हर महीने साठ से अधिक रजिस्ट्री होती हैं। इसके अलावा छह गांव हैं जो कि जिला विकास प्राधिकरण के दायरे में आते हैं।
बीते समय गौलापार के इलाके में भूमि को लेकर लोगों में क्रेज बढ़ा था। कई बड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए गौलापार को चुना गया था, इसके बाद से इलाके में विकास की संभावनाएं और तेज होने की उम्मीद बढ़ी। सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के गौलापार में आने की बात भूमि की क्रय- विक्रय के मामले बढ़े। बताया जाता है कि बाजार मूल्य में भी काफी उछाल आया था। बाद में रेरा को लेकर सख्ती आदि शुरू हुई तो कुछ कमी आयी। निबंधक कार्यालय में औसतन साठ से पैंसठ तक रजिस्ट्री होती रही हैं। हालांकि गौलापार में छह गांव हैं, जो जिला विकास प्राधिकरण के दायरे में आते हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इन जगहों में बनने भवन संबंधी नक्शे पास नहीं हो रहे थे।
26 हेक्टेयर में हाईकोर्ट के लिए जगह चिह्नित
हल्द्वानी। गौलापार में हाईकोर्ट के लिए 26 हेक्टेयर वन भूमि को चिह्नित किया गया था। इसमें तराई पूर्वी वन प्रभाग की जगहों को चिह्नित किया गया। इसके बाद प्रस्ताव डीएफओ कार्यालय से होते हुए पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन कार्यालय तक पहुंचा है।