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Nainital News: उतर गया पानी....शहर को दे गया गहरे निशान

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हल्द्वानी। आठ अगस्त की शाम शुरू हुई भारी बारिश देर रात थम गई, पर उसने हर तरफ बर्बादी के निशान छोड़ दिए हैं। बुधवार की सुबह कलसिया और रकसिया से हुए नुकसान की भयावहता दिखाई दी। सड़क से लेकर घरों तक मलबा ही दिखाई दे रहा था। कलसिया और रकसिया से नई बस्ती, देवलढूंगा, काठगोदाम के अन्य इलाकों में करीब 46 भवनों को नुकसान पहुंचा। इसमें सात मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कलसिया के कारण ही सिंचाई विभाग के बैराज को नुकसान पहुंचने के साथ शीशमहल फिल्टर प्लांट को जाने वाली नहर क्षतिग्रस्त हो गई, इसके चलते हजारों घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। दमुवाढूंगा, बिठौरिया, लालडांठ, प्रेमपुर लोशज्ञानी, हल्दूपोखरा, करायल, सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे की कॉलोनियों में हर तरफ बर्बादी और लोगों की परेशानी ही दिखाई दी। हल्दूपोखरा में परेशान लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध भी दर्ज कराया। हल्द्वानी रेलवे लाइन को लेकर एक बार फिर संकट उत्पन्न हो गया है, गौला का बहाव फिर से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन की तरफ हो गया है और कटाव हुआ है। वहीं, शहर के सरकारी विभागों समेत अन्य जगहों पर प्रारंभिक तौर पर सौ करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। शहर में 24 घंटे में 312 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
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बद्रीपुरा, नई बस्ती और बैराज में बर्बादी के निशान
कलसिया नाले ने सबसे ज्यादा बद्रीपुरा, नई बस्ती और बैराज में नुकसान पहुंचाया। बैराज का गेट टूटा हुआ था और मलबा, कचरा भरा हुआ था। यहां फिल्टर प्लांट को जाने वाली नहर में मलबा भरा था। सिंचाई विभाग का एक भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां एक खड़ी पुरानी पोकलैंड मशीन के कारण पानी का बहाव कुछ रुका था, वरना और नुकसान हो सकता था। घरों में गाद भरी हुई थी। प्रभावित घरों का हर समान बर्बाद हो चुका था। कलसिया के कटाव से मकान को नुकसान पहुंचा। किसी की छत टूटी हुई तो किसी की दीवार ध्वस्त हो गई। कई छतें हवा में झूल रही हैं। यहां पर कई मकान अभी खतरे की जद में हैं, क्योंकि कलसिया का पानी लगातार कटाव कर रहा है।

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देवलढूंगा में कई घर हुए क्षतिग्रस्त
कलसिया नाला देवलढूंगा क्षेत्र चार परिवारों के घरों को ढहाकर उन घरों में रहने वाले परिवारों की नींव को भी हिला गया। लोगों ने बताया कि मंगलवार शाम करीब सात बजे पानी आने की आवाज आई सभी लोग घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते पानी का स्तर और बहाव बढ़ गया और कुछ मिनटों में ही लक्ष्मी देवी, योगेंद्र सिंह, हीरालाल और रोशनलाल के मकान नाले में समा गए। चारों तरफ चीख पुकार मचने लगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां एक घर के अंदर पानी भरा हुआ था, दूसरे क्षतिग्रस्त मकान के पास लोग जमा थे। हर कोई परेशानी की हालत में था। कई मकानों में दरार आ चुकी है।
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दमुवाढूंगा में निर्माणाधीन मकान को हुआ नुकसान
रकसिया नाले के बहाव से दमुवाढूंगा कि कुमाऊं कॉलोनी में एक निर्माणाधीन भवन का हिस्सा टूटकर रकसिया नाले में गिर गया जबकि कई अन्य घरों के करीब तक भू-कटाव हो गया। इस क्षेत्र में नाले के एकदम समीप तक मकान बने हुए हैं। इससे लोगों में दहशत है। कुमाऊं कॉलोनी निवासी रवि आर्या ने बताया कि नाले में बहाव की वजह से मंगलवार की रात को लोग जागते रहे और सुरक्षित स्थान ढूंढते रहे। वहीं, प्रेम ने बताया कि नाले के कटाव से उनके मकान को भी नुकसान हुआ है। अभी भी दमुवाढूंगा में 100 से ज्यादा घरों पर खतरा मंडरा रहा है। सरदार की कोठी क्षेत्र में मलबा और गाद जमा हो गई। नाले के बहाव से क्षेत्र में सड़कों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह सड़क उखड़ गई है और उनमें पत्थर जमा हो गए हैं।

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करायल में फसल चौपट, एक मकान को खतरा
रकसिया नाले का पानी करायल क्षेत्र में कई घरों और खेतों में घुस गया। सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में बोयी धान की पौध पानी में डूब गई है। खेतों में दूर-दूर तक पानी का सैलाब नजर आ रहा है। फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मुख्य सड़क से कॉलोनी को जाने वाले रास्ते में पानी का सैलाब उमड़ता दिखाई दिया। लोग पानी निकासी के लिए घरों और खेतों के किनारे रास्ता बनाते नजर आए। यहां रंगवाल कॉलोनी में मोहन बिष्ट और उनके भाई के मकान खतरे की स्थिति में हैं। मकान के आगे लगी रेलिंग टूटी दिखी। यहां भागीरथी देवी ने बताया कि रात को पानी का सैलाब आने से सो नहीं पाए, मकानों में मिट्टी घुस गई। दिन भर घर की सफाई करते रहे।
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बिठौरिया में दुकानदारों को लाखों का नुकसान

बिठौरिया में रेनबो स्कूल के पास दुकानदार सामान बाहर निकालते हुए दिखाई दिए। यहां आधा दर्जन से अधिक दुकानों में लाखों का सामान खराब हो गया है। स्थानीय निवासी मनोज रौतेला ने बताया कि मंगलवार रात यहां आठ फीट तक पानी भर गया था। सैलाब में दो कार, बाइक, स्कूटी, वाशिंग मशीन आदि सामान बहता हुआ आया। अभी तक कोई पार्षद, जनप्रतिनिधि या प्रशासन का आदमी सुध लेने नहीं आया। प्रभावितों को मुआवजा दिया जाए। उदय बिष्ट ने बताया कि उनकी किचन के सामान, हार्डवेयर की दुकानें हैं। प्लाई बोर्ड समेत लाखों का सामान खराब हो गया। नितिन गोस्वामी ने बताया कि दुकान में रखी राखी और कपड़ें सभी खराब हो गए। दुकान में मिट्टी भर गई है। ललित चंद ने बताया कि कल रात का भयानक मंजर अभी भी उनकी आंखों में तैर रहा है। दुकान में रखा सामान खराब हो गया। भास्कर पांडे के घर की सुरक्षा दीवार टूट गई और लॉन में करीब आठ फीट पानी भर गया था।
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लाल डांठ रोड पर भी तबाही के निशान
लालडांठ रोड पर जेसीबी मलबा हटाती दिखाई दी। यहां नाले का पानी सुरक्षा दीवार तोड़ते हुए कई घरों में घुस गया था। अमन कश्यप घर से मलबा निकालते हुए दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि रात को पांच फीट से अधिक पानी घर में घुस गया। इससे पूरा सामान खराब हो गया है। सुबह से मिट्टी निकालने में लगे हुए हैं। गोदाम के भीतर रखी मशीनें खराब हो गई हैं। कई लोग घरों से मलबा साफ करते दिखाई दिए। जगह-जगह घरों के बाहर सुखाने के लिए रखे गए बिस्तर लटके दिखाई दिए।
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हल्दूपोखरा नायक में लोगों ने लगाया जाम

करायल से आगे हल्दूपोखरा नायक में जाम लगा था। यहां रकसिया नाले के सैलाब से प्रभावित सैकड़ों ग्रामीणों ने दो घंटे तक गैस गोदाम रोड में जाम लगाया। शासन-प्रशासन के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बातचीत के दौरान पानी निकासी को लेकर ग्रामीणों में आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसे देखते हुए वैकल्पिक इंतजाम करने और नक्शे के हिसाब से पानी निकासी की व्यवस्था करने पर बात बनी। ग्राम प्रधान हेमा देवी ने बताया कि मंगलवार रात को पानी के सैलाब के कारण लोग घरों में फंस गए थे और रेस्क्यू किए जाने का इंतजार करते रहे। रात को करीब 12 बजे पुलिस की टीम पहुंची और आठ लोगों को रेस्क्यू किया गया। कई घरों में मटमैला पानी घुस गया है। लोग रात भर सो नहीं पाए। इस दौरान गोविंद सिंह, चंदन मेहरा, कार्तिक, कविता ऐरी, उमा नेगी आदि मौजूद रहे।

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कई और इलाकों में भी हुआ नुकसान
हल्द्वानी। मंगलवार को हुई भारी बारिश में जहां भाखड़ा नदी उफान पर रही, वहीं कई घरों में नुकसान और भू-कटाव हुआ। गुजरौड़ा ग्राम सभा के अंतर्गत गेरा गांजा में हीराबल्लभ पलड़िया की गौशाला बह गई। बावन डाठ से गांव की तरफ जाने वाले मार्ग पर पुल न होने से आवागमन प्रभावित रहा। इसके अलावा गुजरौड़ा, चौसला बसानी, जयपुर पाडली क्षेत्रों में भी नुकसान पहुंचा। इधर नैनीताल पटवाडांगर मार्ग पर आने वाले गांवों में बसानी, चौसला मीठा, आंवला बेल, नाई सेला में भी काफी नुकसान हुआ। समाजसेवी नीरज तिवारी ने बताया कि ऋतु जोशी, हेमू पड़लिया, नीरज, पूरन जोशी आदि सभी ने प्रभावित इलाकों में जाकर जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को नुकसान की जानकारी भी दी।
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