हल्द्वानी। तीन कुमाऊं राइफल्स के गौरव सेनानियों ने सोमवार को शौरोन दिवस मनाया। इस दौरान गौरव सेनानियों ने भारत माता की जय के नारे लगाए और देश के लिए बलिदान होने वाले तीन कुमाऊं राइफल्स के जवानों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान कैप्टन दया किशन उपाध्याय (सेनि) ने बताया कि पहले विश्व युद्ध के दौरान तीन कुुमाऊं राइफल्स 60 इंफैंट्री डिवीजन लंदन के अधीन लड़ाई में भाग ले रही थी। इस युद्ध में कुमाऊं राइफल्स ने शौरोन (वर्तमान गाजा और इजराइल) स्थान पर तुर्की सेना को एक ही रात मेें तय समय से पहले हराकर इतिहास रचा गया।
बताया कि 18 और 19 सितंबर 1918 को पलटन युद्ध सम्मान दिवस शौरोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। कैप्टन राजेंद्र मालडा (सेनि) ने कहा कि यूनिट ने अपने स्थापना दिवस के कुछ समय बाद ही पहले और दूसरे विश्वयुद्ध, 1947-48, 1962, 1965, 1971, ऑपरेशन ब्लूस्टार, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान, पूर्वोत्तर राज्यों में अभियान और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में काम करके पलटन और देश का नाम रोशन किया है।
कार्यक्रम में भारत माता की जय, कालिका माता की जय, कुमाऊं राइफल्स की जय के नारे लगाए गए। इस दौरान कैप्टन राजेंद्र राठौर (सेनि), कैप्टन दीवान सिंह (सेनि), सचिव पूरन सिंह मेहता, आनंद सिंह, रविंद्र सिंह, हरीश सिंह, चंचल सिंह, मीडिया प्रभारी गोविंद सिंह, उमा पाठक, शेर सिंह, भुवन चंद्रा, कैप्टन मधन कोश्यारी (सेनि), खुशाल सिंह, कैप्टन कल्याण सिंह (सेनि), मान सिंह, दीवान सिंह मेहता आदि थे।