हल्द्वानी। चंपावत की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने वर्षों से स्कूलों में निष्प्रयोज्य हो चुके भवनों, शौचालयों आदि को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। विभाग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को ध्वस्तीकरण योग्य भवनों की लंबी सूची सौंपी है जिस पर प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत इन भवनों और शौचालयों को ध्वस्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
हाल के दिनों में शिक्षा विभाग ने जिले में माध्यमिक स्तर के निष्प्रयोज्य हो चुके करीब 43 विद्यालयों के भवन, कक्ष, 21 शौचालय, छह प्रयोगशाला और प्राथमिक स्तर पर करीब 70 भवन, कक्ष, 37 शौचालय को चिह्नित कर रिपोर्ट जिला प्रशासन केे सौंपी थी। जिला प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। चिह्नित भवनों को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन समिति की रहेगी। वह अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण करेगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत ने बताया कि जिला प्रशासन को जिन स्कूलों के भवन, कक्षों के ध्वस्तीकरण की सूची भेजी थी। उन्हें ध्वस्त करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इनके ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। वह अपने स्तर से इन्हें ध्वस्त करेगा। ध्वस्तीकरण से पूर्व तोड़े गए भवन, कक्ष आदि का स्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद इससे प्राप्त मलबे की नीलामी होगी। नीलामी से प्राप्त राशि को शासन को भेजा जाएगा। संवाद