लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहे कार्मिक अनशन का शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बाद समापन हुआ। वनाधिकार संगठन व पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में अनशन के अंतिम दिन एडीएम नैनीताल विवेक राय, प्रभागीय वनाधिकारी (तराई पूर्वी) हिमांशु बागरी, एसपी सिटी मनोज कत्याल, उप जिलाधिकारी रेखा कोहली ने धरना स्थल पर पहुंचे। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व गांव के मामले में चर्चा कर उन्होंने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। एडीएम विवेक राय ने कहा कि सरकार फिलहाल ऋषिकेश के बापू ग्राम मामले को सुप्रीम कोर्ट में देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सुप्रीम कोर्ट से बापू ग्राम के मामले में निर्णय आता है तो उसी मिसाल के आधार पर बिंदुखत्ता में भी कार्यवाही की जाएगी। डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के प्रावधानों के तहत जो दस्तावेजी कमियां हैं उन्हें समिति के सहयोग से दूर किया जाएगा। धरना स्थल पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, अर्जुन सिंह बिष्ट, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, बसंत पांडे, राजेंद्र चौहान, रमेश सुयाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।