चुनावी वर्ष में जनसमस्याओं पर सियासत भारी पड़ रही है। भाजपा छोटे-छोटे से मामले में भी रानजीतिक लाभ देख रही है। पेयजल की समस्या को लेकर जल संस्थान पहुंचे भाजपाइयों ने वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की तो कांग्रेसियों ने भी करारा जवाब दिया।
पेयजल किल्लत का मामला दरकिनार हो गया और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता का कक्ष देखते ही देखते राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। शुक्रवार को वार्ड नंबर 13 आवास विकास की पार्षद दीपा पांडे के नेतृत्व में लोग जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय का घेराव करने पहुंचे थे। आवास विकास का ट्यूबवेल फुंका है और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ओवरहेड टैंक शोपीस बना हुआ है और सीवर लाइन पेयजल की मुख्य लाइन से सटी है।
पानी की समस्या तो दरकिनार हो गई और कांग्रेसी-भाजपाई आपस में ही भिड़ गए। भाजपाइयों के वित्त मंत्री के विरोध में नारेबाजी करने पर आवास-विकास के कुछ लोग और कांग्रेसियों ने भी भाजपाइयों का जमकर विरोध किया। कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार के पांच वर्षों में हुए काम का हिसाब मांग दिया। काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बमुश्किल स्थित सामान्य हो सकी। भाजपाइयों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सामान्य न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
इस संबंध में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पिछले छह दिनों से आवास विकास के ट्यूबवेल की मोटर खराब है। ट्यूबवेल की मोटर मरम्मत का काम चल रहा है और एक सप्ताह में आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा नगर अध्यक्ष विजय मनरा, प्रदेश प्रवक्ता डा. अनिल डब्बू, पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी, समीर आर्य, जितेंद्र मेहता, सोनी आर्य, प्रकाश रावत, नीरज बिष्ट, सुमित नगदली आदि थे।