भवाली (नैनीताल)। पहाड़ के युवाओं में देश सेवा का जज्बा बचपन से ही भरा रहता है। यही कारण है कि देश की सुरक्षा में नैनीताल जिले के भीमताल, भवाली, ओखलकांडा और बेतालघाट के जवान अपने प्राण न्यौछावर कर चुके हैं। कारगिल युद्ध से लेकर मुठभेड़ में आतंकियों को मारने के साथ अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीद लोगों के दिलों में आज भी जिंदा है।
ओखलकांडा ब्लॉक के मटेला पतलोट निवासी शहीद बहादुर सिंह मटियाली 12 अगस्त 1993 नागालैंड में शहीद हुए थे। मल्ला ओखलकांडा के इंदर सिंह बर्गली कारगिल युद्ध में शहीद हो चुके हैं। साथ ही वारी कटना के बद्री सिंह और ओखलकांडा के बसानी धुरा निवासी यमुना पनेरू भी देश सुरक्षा के लिए आतंकियों की मुठभेड़ में शहीद हो चुके हैं।
वहीं बेतालघाट के खेमचंद्र डोर्बी पुलवामा में शहीद हुए थे। साथ ही बेतालघाट के बलवंत सिंह मेहरा भी आतंकियों की मुठभेड़ में शहीद हो चुके हैं। भवाली के शिवराज सिंह निगल्टिया भी आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपनी जान देश सेवा के लिए न्यौछावर कर चुके हैं। वहीं भीमताल के सांगुड़ी गांव निवासी मनोज नौगाई भी छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हो चुके हैं। सभी शहीदों की शहादत को उनके परिजन और ग्रामीण नहीं भुला पाए हैं।
शुक्रवार को रातीघाट के पैरा कमांडो शहीद संजय बिष्ट की शहादत के बाद पूर्व में शहीद हुए जवानों की यादें ताजा हो गईं।