नैनीताल। एक ही मामले में एक दिन में दो आदेश करने को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के अपर जिला न्यायाधीश प्रथम कंवर अमरिंदर सिंह को नोटिस जारी कर उनसे दो हफ्ते में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उनके स्टे ऑर्डर पर रोक लगा दी है।मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में हुई।
मामले के अनुसार लालकुआं तहसील के अंतर्गत जग्गीबंगर में नवीन चंद्र जोशी व भुवन चंद्र के बीच 2019 से भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में नवीन चंद्र जोशी ने सिविल जज हल्द्वानी के समक्ष सिविल शूट दायर किया था। जनवरी 2023 में सिविल जज ने नवीन जोशी के पक्ष में आदेश देते हुए भुवन चंद्र के खिलाफ निषेधाज्ञा जारी की थी। इस आदेश के खिलाफ भुवन चंद्र ने अपर जिला न्यायाधीश के समक्ष अपील की। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने 25 फरवरी 2023 को दोनों पक्षों से सुलहनामा करने के लिए कहा लेकिन यह सुलह वार्ता असफल हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 3 अप्रैल 2023 तय कर दी लेकिन बाद में उसी दिन (25 फरवरी 2023) कोर्ट ने भुवन चंद्र के पक्ष में सिविल जज के आदेश (नवीन चंद्र के पक्ष में भुवन भट्ट के खिलाफ निषेधाज्ञा) पर रोक लगा दी और मामले की सुनवाई की तिथि 3 अप्रैल ही तय की। 3 अप्रैल को नवीन जोशी के अधिवक्ता जब कोर्ट में मामले की पैरवी के लिए पहुंचे तो उन्हें इस मुकदमे में स्टे ऑर्डर पारित होने की जानकारी मिली जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिला न्यायाधीश कंवर अमरिंदर सिंह को इस मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।