नैनीताल हाईकोर्ट ने लापता पत्नी के संबंध में देहरादून के एक जिम ट्रेनर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जिम ट्रेनर की पत्नी अदालत में पेश हुई। उसने कोर्ट को बताया कि उसके पति ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया है। वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती है।
इस पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने महिला को अपना जीवन मनमुताबिक जीने की अनुमति दे दी है। इस दौरान महिला ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पति, दस साल के बेटे और छह साल की बेटी को छोड़कर फरीदाबाद में अपने लिव-इन पार्टनर के साथ रह रही है। उससे उसकी मुलाकात इंटरनेट मीडिया पर हुई थी।
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जिम ट्रेनर ने याचिका में देहरादून और फरीदाबाद के एसएसपी को अदालत के समक्ष उसकी पत्नी को पेश करने और फरीदाबाद निवासी व्यक्ति के चंगुल से मुक्त कराने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने चार मई को देहरादून और फरीदाबाद के पुलिस प्रमुखों को अदालत में कॉर्पस की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। सोमवार को महिला ने कोर्ट में पेश होकर कहा कि वह अपनी इच्छा से फरीदाबाद गई थी जहां वह अपने प्रेमी के साथ रह रही है। उसका पति उसके साथ दुर्व्यवहार करता था और वह अब देहरादून में उसके साथ नहीं रहना चाहती।