श्याम धानक की करतूत पीड़िता ने संस्था की एक कर्मचारी को बताई थी। शिकायत के बाद महिला कर्मचारी ने धानक को चेतावनी भी दी थी। धानक संस्था में पावर में था तो कर्मचारी भी कुछ नहीं कर सकी। शिकायत से गुस्साए धानक ने पीड़िता बच्ची के साथ मारपीट की थी। साथ ही संस्था से निकालने की धमकी भी दी थी।
दृष्टिबाधित संस्थान में बच्ची से यौन शोषण करने का मामला सामने आने के बाद हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। संस्था के सूत्रों से पता चला कि धानक संस्था में खुद को मालिक समझता था। उसे लगता था जो मैं कहूं वही होगा। वह जब संस्था की बैठक लेता था तो उसमें संस्था के सदस्यों की संख्या कम ही रहती थी।
वह हर बैठक में सबकी राय लेता था लेकिन वहीं करता था जो उसे ठीक लगता था। संस्था के सदस्य कई व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहते थे लेकिन धानक की मनमानी के आगे किसी की नहीं चलती थी।
संस्था में कई लोग जुड़ने के लिए आ रहे हैं लेकिन यहां उसी को लिया जाएगा जो योग्य होगा। यह संस्था नेतागिरी के लिए नहीं है, लोग बेवजह दबाव की राजनीति यहां न करें।
- सविता लाहोटी, संस्था अध्यक्ष