हल्द्वानी। बिठौरिया के विकासनगर फेज तीन स्थित गोशाला में गोबर के सेप्टिक टैंक की गैस से जान गंवाने वाले मटरू लाल और उसकी पत्नी रानी का शव परिजन सोमवार सुबह पीलीभीत लेकर रवाना हो गए। रविवार को परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव मोर्चरी से नहीं उठाए थे।
मृतका रानी के भाई ब्रजेश ने बताया कि रविवार देर रात तक गोशाला मालिक से मुआवजे को लेकर वार्ता चलती रही लेकिन वह नहीं माने। बता दें कि मृतक के परिजनों ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी है। मुआवजा न मिलने पर परिजनों ने शवों का दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया था।
मोर्चरी में शवों से दुर्गंध आने पर परिजनों ने अंत्येष्टि का फैसला किया। ब्रजेश ने बताया कि मुआवजे की बात अभी नहीं बनी है। अगर मृतक दंपती के बच्चों के भविष्य के लिए पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलेगा तो मुकदमा कराया जाएगा।