नैनीताल। हाईकोर्ट ने बुधवार को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों की हरिद्वार पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों, शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर लगाने से विवि को जो भी क्षति हुई है, उसकी भरपाई निर्वाचन आयोग करे। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई।
गुरुकुल कांगड़ी विवि के प्रो. दीनदयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कहा है कि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय एक वित्त पोषित संस्थान है। ग्राम पंचायत एक्ट के अनुसार वित्त पोषित संस्थानों के कर्मचारियों की पंचायत चुनावों में ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से उनकी चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। इस संबंध में गुरुकुल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 2016 में भी याचिका दायर की गई थी। इसमें हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि वित्त पोषित संस्थाओं के कर्मचारियों और शिक्षकों की पंचायतों के चुनावों में ड्यूटी नहीं लगाई जाए। वर्तमान में होने वाले पंचायत के चुनावों में कर्मचारियों और शिक्षकों को फिर से चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।