जिला विकास प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, हल्द्वानी
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हल्द्वानी में जिला विकास प्राधिकरण की ओर से आवासीय कॉलोनियां विकसित करने संबंधी योजना परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक प्राधिकरण को इस कार्य के लिए जिले में कहीं भी जमीन नहीं मिली है। न तो प्राधिकरण लैंड बैंक तैयार कर पा रहा है और न ही इस कार्य को करने के लिए उसे पीपीपी मोड में कोई पार्टनर मिल रहा है।
प्राधिकरण की ओर से पिछले साल 15 अक्तूबर को एक विज्ञापन जारी किया गया था। उसमें कहा गया था कि उत्तराखंड भूमि संयोजन योजना के तहत प्राधिकरण को अपनी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि की जरूरत है। आगे बताया था कि यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपनी भूमि बेचने अथवा पीपीपी मोड के तहत एलआईजी, एमआईजी एवं एचआईजी भवन निर्माण एवं भूखंड विकास का इच्छुक हो तो वह प्राधिकरण कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
प्राधिकरण के अधिकारियों को इस विज्ञापन के जारी होने के बाद जिले में लैंड बैंक बनने की उम्मीद थी। माना जा रहा था कि यदि प्राधिकरण आवासीय कॉलोनी विकसित करेगा तो इसका लाभ आम जनता को भी मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। तीन माह बीतने के बाद भी प्राधिकरण की इस पहल पर किसी ने कोई रुचि नहीं दिखाई है और अब तक प्राधिकरण को जमीन बेचने अथवा पीपीपी मोड में मिलकर प्राधिकरण के साथ काम करने संबंधी एक भी आवेदन नहीं मिला है। इससे प्राधिकरण की आवासीय योजना विकसित करने के अरमान पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अपनी आवासीय जरूरतों को पूरा कराने के लिए लोगों को निजी बिल्डरों की शरण में ही जाना होगा।
प्राधिकरण को अपनी विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि की जरूरत थी। इसके लिए कुछ माह पहले विज्ञापन भी प्रकाशित कराया गया था, लेकिन अभी तक एक भी आवेदन नहीं मिला है। इसके बाद भी प्राधिकरण अपने स्तर पर भूमि की तलाश कर रहा है, ताकि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा सके। - वीएन शुक्ल सचिव जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल।