हल्द्वानी के जज फार्म निवासी युवा नितिन लोहनी पर गोली चलाने के आरोपी पार्षद अमित बिष्ट ने वारदात के बाद खुद को बचाने के लिए पटकथा भी लिख ली। नितिन को सड़क किनारे पड़ा देख अमित समझ चुका था वह मर चुका है। इस पर उसने खुद को बचाने के लिए पटकथा लिखनी शुरू कर दी।
घटनास्थल से लौटकर उसने घर की खिड़की पर फायर झोंका। इसके बाद पुलिस को फोन कर कहा कि उसके उसके घर पर दो युवकों ने हमला कर गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में एक युवक को गोली लग गई। ऐसा कर वह आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात फैलाकर बचने का प्रयास कर रहा था। पार्षद के फोन के बाद पुलिस ने जब नितिन को अस्पताल भेजा और फायरिंग के बाद मौके से भागे कमल भंडारी से बात की तो सच्चाई सामने आई।
डीवीआर भी कर दी थी गायब
मामले की जांच करने पुलिस जब पार्षद के घर पहुंची तो वहां लगे दो सीसीटीवी में से एक लंबे समय से खराब मिला जबकि दूसरे के साथ छेड़छाड़ की गई थी। सीसीटीवी की डीवीआर भी गायब थी। इसके बाद पुलिस ने बाहर से अंदर की ओर फायरिंग किए जाने के सबूत तलाशे लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिले। न नितिन के पास कोई हथियार था न ही इनकी ओर से गोली चलाने के मौके पर निशान थे। इस पर पुलिस ने तत्काल पार्षद अमित बिष्ट और उसके बेटे जय को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस को डीवीआर मिल गई और फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ गई।
मेन गेट के पास से मिले दो खोखे
पार्षद अमित बिष्ट के घर के मुख्य गेट के पास से पुलिस को दो खोखे मिले। कमल के अनुसार चार बार फायरिंग हुई थी। ऐसे में अब पुलिस शेष दो खोखों की की तलाश में जुटी है।
फोरेंसिक की टीम और डॉग स्क्वायड भी पहुंचा
मामले की जांच के लिए मौके पर फारेंसिंक की टीम भी पहुंची। टीम ने खिड़की पर गोली के निशान के अलावा गेट से भी साक्ष्य लिए। जहां नितिन पड़ा मिला वहां भी छानबीन की गई। जिस स्कूटी से नितिन आया था उस पर पड़े खून के निशान की जांच भी की गई। डॉग स्क्वायड भी साक्ष्य तलाशता रहा।
नितिन को नहीं मिला भागने का मौका
बालकनी से दो फायर करने के बाद पार्षद तेजी से नीचे आया। उतनी देर में नितिन लड़खड़ाते हुए अपनी स्कूटी से कुछ ही मीटर आगे जा पाया था। नीचे आकर आकर पार्षद ने तीसरी गोली कुछ ही मीटर की दूरी से नितिन पर चलाई थी और इसी गोली से उसकी मौत हो गई।