हल्द्वानी। नैनीताल और हल्द्वानी के बीच दूरी करीब 42 किमी है पर हवा की गुणवत्ता में तुलनात्मक तौर पर करीब आधे का अंतर है। इन दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने दोनों जगहों पर हवा की गुणवत्ता की जांच के लिए मशीन लगाई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं।
सामान्य तौर पर दिवाली के समय हल्द्वानी की हवा की गुणवत्ता की जांच होती थी। इस बार नैनीताल में भी जांच करने का फैसला किया गया है। जांच का काम पांच नवंबर से शुरू किया है। शुरुआती चार दिनों की रिपोर्ट आई है उससे दोनों शहर की हवा की गुणवत्ता के आंकड़े चौकाने वाले हैं। पांच, छह, सात और आठ नवंबर को नैनीताल में एक्यूआई क्रमश: 64, 67, 63 और 65 रहा है। पीसीबी के मानकों के हिसाब से यह औसत श्रेणी में आता है।
इस अवधि में हल्द्वानी में एक्यूआई का स्तर 99, 102, 105 और 104 रहा है जो संवेदनशील व्यक्तियों के लिए नुकसानदायक है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. डीके जोशी कहते हैं कि प्रदेश के दूसरे शहरों से तुलनात्मक तौर पर की हवा की गुणवत्ता ठीक है। लोगों से अपील है कि पटाखों का इस्तेमाल न करे। इसे लेकर जागरूकता अभियान भी बृहस्पतिवार से शुरू किया गया है। वरिष्ठ श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल कहते हैं कि जिनको पहले सांस संबंधी दिक्कत रही है, वे घर के भीतर रहें। अगर जरूरी काम से बाहर जाना पड़ता है तो मास्क का प्रयोग करें। माई सिटी रिपोर्टर
जानिए एक्यूआई की श्रेणियां-
हल्द्वानी। मानकों के हिसाब से 0 से 50 तक का एक्यूआई अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक का औसत, 101 से 150 तक संवेदनशील व्यक्तियों के लिए अस्वास्थ्यकारी होता है। 151 से 200 तक अस्वास्थ्यकारी, 201 से 300 तक सेहत के लिए बेहद खराब और 301 से 500 तक एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में आता है।