हल्द्वानी। सरेंडर वाहन को दोबारा सरेंडर कराने के लिए वाहन स्वामियों को पहले अपना वाहन रिलीज कराना होगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार एक या दो माह का टैक्स भरना होगा। उसके बाद ही अधिकतम छह माह के लिए वाहन को दोबारा सरेंडर कराया जा सकता है।
उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार नियमावली-2022 जारी होने के बाद वाहनों को सरेंडर करने की अवधि एक बार में छह माह हो गई है जिसका वाहन स्वामियों ने स्वागत किया था, क्योंकि वाहन स्वामी पिछले कई दिनों से वाहनों की सरेंडर अवधि को बढ़ाए जाने की मांग कर रहे थे। हालांकि नया नियम जारी होने के बाद भी वाहन स्वामियों को पूरी तरह टैक्स से छूट नहीं मिली है। वाहन स्वामी टैक्स भरने की प्रक्रिया को लेकर असंमजस में हैं।
आरटीओ से मिली जानकारी के मुताबिक सरेंडर किए गए वाहनों को दोबारा सरेंडर कराने से पहले रिलीज कराना होगा। अक्तूबर और नवंबर तक का टैक्स भरना होगा। यदि किसी ने वाहन को अक्तूबर तक के लिए सरेंडर किया है तो उसे केवल नवंबर का ही टैक्स भरना होगा। इसके बाद ही वाहन को अगले छह माह के लिए सरेंडर किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया डिप्टी कमिश्नर स्तर पर पूरी होगी। इसके लिए आवेदन संबंधित आरटीओ क्षेत्र में करना होगा। उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी आरटीओ के अंतर्गत करीब 10 हजार खनन वाहन हैं।
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जो वाहन सरेंडर हैं, वे पुराने नियम के तहत सरेंडर किए गए हैं। इसलिए नए नियम के तहत वाहन को एक बार में छह माह के लिए सरेंडर कराने के लिए पहले वाहन को रिलीज कराकर टैक्स भरना होगा।
-संदीप सैनी, आरटीओ, हल्द्वानी।