हल्द्वानी। मॉर्निंग वॉक के लिए ट्रैक सूट आैर हवाई चप्पल में निकले कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बुधवार तड़के निजी बस में दिल्ली से आया कर चोरी का लाखों का माल व्यापारियों तक जाने से पहले ही पकड़ लिया। हालांकि चोरी के माल के मालिका का पता नहीं चला है।
आयुक्त ने पुलिस और जीएसटी अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सामान की जांच कराई। छोटे बड़े करीब 42 नग पाए गए। उन्होंने राजस्व चोरी को रोकने के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए और अभियान चलाने को कहा।
शहर में कुछ व्यापारियों को बगैर जीएसटी के सामान सप्लाई करने की सूचना मिलने पर मंडलायुक्त ने तड़के सरस मार्केट के पास जीएसटी चोरी कर लाए जा रहे सामान को पकड़ा। जीएसटी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि सामान बगैर जीएसटी बिल का था जिसमें नाम कुछ और सामग्री कुछ और रखी गई थी। आयुक्त ने आयकर, राज्यकर और पुलिस अधिकारियों को रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और सड़क मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मौके पर संयुक्त आयुक्त आयकर डीएस नगन्याल, डिप्टी कमिश्नर स्मिता भाष्कर और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह मौजूद रहीं।
मशीनरी, ऑटो पार्ट और कपड़े मिले
पकड़े गए कर चोरी के मॉल को लेकर दिन भर भौतिक सत्यापन चला जिसमें 42 नग मिले जिसमें ऑटोपार्ट, लोकल मशीनरी, कपड़े मिले। किसी में पुराने बिल तो किसी में सही कागज नहीं थे। हालांकि जांच में सामान के असली मालिक का नाम सामने नहीं आ पाया।
स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम जांच में जुटी
संयुक्त आयुक्त प्रवर्तन डीएस नबियाल के निर्देश पर छह लोगों की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम मामले की जांच में जुट गई है। टीम की ओर से दिल्ली के उन एजेंटों का भी पता लगाया जा रहा है जहां से मॉल सप्लाई हुआ। इसके अलावा जीएसटी ऐप से भी वैरिफाई किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की कुछ फर्में बगैर बिलों के चोरी छिपे सामान भेजती हैं। लोकल ब्रांड में कर चोरी की संभावना ज्यादा रहती है।