हल्द्वानी। राज्यस्तरीय विज्ञान महोत्सव में छात्र-छात्राओं ने मॉडलों के जरिये अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान किसी ने केले के रेशे से प्लास्टिक मुक्त सैनेटरी पैड बनाया तो किसी ने हवा से चलने वाली साइकिल बनाई। बच्चों की प्रतिभा ने सभी का मन मोह लिया।
खालसा नेशनल इंटर कॉलेज में आयोजित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राज्यस्तरीय विज्ञान महोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को विद्यार्थियों ने ‘मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ पर विज्ञान ड्रामा का मंचन किया। हरिद्वार और पौड़ी के विद्यार्थियों ने ‘सतत विकास के बुनियादी विज्ञान’, नैनीताल, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग के छात्रों ने ‘टीकों की कहानी’ और चंपावत के विद्यार्थियों ने ‘महामारी सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दे’ उपविषय पर विज्ञान ड्रामा की बेहतरीन प्रस्तुति दी।
छात्र-छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी के मुख्य विषय प्रौद्योगिकी और खिलौनों के तहत विभिन्न ‘सूचना और प्रौद्योगिकी में उन्नति’, ‘पर्यावरण अनुकूल सामग्री’, ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता पर्यावरण संबंधी चिंताएं’, ‘परिवहन और नवाचार’ और वर्तमान नवाचार के साथ ऐतिहासिक विकास और गणित पर आधारित बेहतरीन मॉडल पेश किए। निर्णायक मंडल में शामिल एमबीपीजी कॉलेज के डॉ. महेश कुमार शर्मा, डॉ. अमित सचदेवा और ग्राफिक ऐरा भीमताल के प्राध्यापक, विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने प्रतिभागी बाल वैज्ञानिकों के मॉडल और प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया।
इस मौके पर एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत, कार्यक्रम संयोजक सीईओ केएस रावत, जिला विज्ञान समन्वयक डॉ. दिनेश जोशी, डॉ. विवेक पांडे, डॉ. सोहन सिंह माजिला, गौरीशंकर कांडपाल, अमर सिंह बिष्ट, हेम त्रिपाठी, मीना पलियाल, शंकर बोरा, विनोद जोशी, केएन लोहनी आदि मौजूद रहे।
ऊधमसिंह नगर की शिवानी ने बनाया पैड
सनातन धर्म इंटर कॉलेज ऊधमसिंह नगर की कक्षा 12 की छात्रा शिवानी ने प्लास्टिक मुक्त सैनेटरी पैड बनाया है। शिवानी ने बताया कि बाजार में मिलने वाले सैनेटरी पैड में प्लास्टिक होता है। प्लास्टिक नुकसानदायक है। उन्होंने केले के पेड़ के रेशों से प्लास्टिक मुक्त सैनेटरी पैड बनाया है। इसके बाहर से कपड़ा लगा है। अंदर से केले के रेशे हैं। यह प्लास्टिक मुक्त है और महिलाओं के सुरक्षित भी है।
अयन ने टंकी का पानी मापने का यंत्र बनाया
हिमालय इंटर कॉलेज चौकोड़ी (पिथौरागढ़) के अयन पंत ने वाटर लेवल इंडिकेटर बनाया है। इससे टंकी में उपलब्ध पानी की मात्रा मापी जा सकती है। इसमें ट्रांजिस्टर, मोटर आदि उपकरण लगाए गए हैं। अयन ने बताया कि पापा छत पर रखी टंकी में पानी की मात्रा नापने के लिए बार-बार डंडी का इस्तेमाल करते हैं। यहीं से मुझे यह उपकरण बनाने का आइडिया आया। टंकी में वायर डालने पर वॉटर लेवल इंडिकेटर से पानी की मात्रा आसानी से मापी जा सकती है।
प्रदीप ने बनाई हवा से चलने वाली साइकिल
अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रुड़की हरिद्वार के कक्षा 10 के छात्र प्रदीप धिमान ने हवा से चलने वाली साइकिल बनाई है। वाहनों के धुएं से बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उन्होंने इसे बनाया है। प्रदीप ने बताया कि इसमें एयर कंप्रेशर लगाया गया है जो हवा से साइकिल को चलाने में मदद करेगा। साथ ही इसमें गीयर भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह रनिंग मॉडल है। इस पर कार्य किया जा रहा है।
रजत ने बनाया किसान मित्र आधुनिक उपकरण
इंटर कॉलेज ढामकेश्वर के 8वीं के छात्र राजत कोहली ने किसान मित्र आधुनिक उपकरण बनाया है। रजत ने बताया कि किसानों की मदद के लिए इस उपकरण को बनाया गया है। इसमें एक बैल से किसान जुताई कर सकते हैं। इसमें धूप से बचने के लिए छाता लगा है। साथ ही भोजन सामग्री रखने के लिए स्टैंड भी लगाए गए हैं। इससे किसान बिना थके खेतों की जुताई कर सकते हैं।