दीपावली की पूर्व संध्या पर रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाता हल्द्वानी। फोटो:संजय कुमार
हल्द्वानी। दीवाली के समय कई लोग आतिशबाजी से चोटिल हो जाते हैं। इसको लेकर अस्पतालों में सभी आवश्यक तैयारी कर ली गई है। मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि आंखों में चोट लगने, जलने समेत कई मामले आते हैं। इसको लेकर नेत्र रोग विशेषज्ञ समेत अन्य टीम तैनात रहेगी। मेडिकल काॅलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल के त्वचा रोग विभाग के प्रोफेसर सौरभ अग्रवाल कहते हैं कि आतिशबाजी के समय से सूती कपड़े पहनने चाहिए। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा जरूर लगाएं। अगर किसी कारण से त्वचा जलती है तो उसे ठंडे पानी से धोने के बाद तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
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- आतिशबाजी के साथ कोई प्रयोग न करें
- जलते हुए पटाखों के साथ बच्चों को न छोड़े
- बिजली के खंभे और तार के पास आतिशबाजी को न जलाए
- पटाखों को जलाते समय चेहरे को उसके पास न ले जाएं
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यह करें
आतिशबाजी करने वाली जगह पर पानी से भरी बाल्टी रखें
जले पटाखों, चरखी, फुलझड़ी को पानी में डाल दें, ताकि वह पूरी तरह बुझ जाए
घर में फर्स्ट एड किट है, इसे भी सुनिश्चित करें
सूती कपड़े पहनें, एहतियातन चश्मा लगाएं।