कोसी बैराज में पहुंचे सुर्खाब पक्षी।
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हर वर्ष सर्दियों के समय उच्च हिमालयी क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी सुर्खाब भोजन की तलाश में कोसी बैराज समेत अन्य जलाशयों में पहुंते हैं। लेकिन इस साल हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते सुर्खाब एक सप्ताह पहले ही रामनगर के कोसी बैराज में दिखाई दे रहे हैं। इससे वन विभाग और पक्षियों प्रेमी काफी उत्साहित हैं।
सुर्खाब पक्षी हर साल अक्तूबर माह के अंत या नवंबर माह के पहले सप्ताह में कोसी बैराज समेत अन्य जलाशयों में पहुंचते हैं। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार ने बताया कि बीते दिन उन्होंने कोसी बैराज में सुर्खाब के दो जोड़ों को अपने कैमरे में कैद किया है। बताया कि इस साल सुर्खाब करीब एक सप्ताह पूर्व यहां पहुंची हैं। ऐसा तब होता है जब उच्च हिमालयी क्षेत्रों के जलाशय बर्फ से जम जाते हैं। ऐसे में सुर्खाब समेत अन्य प्रवासी पक्षी भोजन की तलाश में यहां के जलाशयों में पहुंची हैं।
वन्य विशेषज्ञों के मुताबिक सुर्खाब पक्षी सर्दियों में रूस के साइबेरिया और तिब्बत जैसे ठंडे इलाकों से आते हैं। वे भोजन की तलाश में हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके यहां पहुंचते हैं और प्रजनन करते हैं। जब उनके बच्चे उड़ने लायक हो जाते हैं, तो वे वापस लौट जाते हैं।
कोसी बैराज में सुर्खाब दिखने शुरू हो गए हैं जो कि खुशी की खबर है। इसके साथ ही वन विभाग की ओर से प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए निगरानी को बड़ा दिया गया है। - अंकित बडोला, एसडीओ, रामनगर वन प्रभाग।