हल्द्वानी। जल संस्थान की पुरानी पेयजल योजना गौला में सिल्ट बढ़ने के बाद पानी को लिफ्ट नहीं कर पा रही है। इसके चलते रानीबाग से काठगोदाम तक बृहस्पतिवार को 12,000 परिवारों को पानी नहीं मिल पाया। वहीं सिल्ट बढ़ने से जल संस्थान के शीशमहल प्लांट से भी जलशोधन 40 फीसदी कम हुआ। वर्तमान में प्लांट में मात्र 40 एमएलडी ही पानी छन रहा है। इससे शहर के अंतिम छोर वाले इलाकों में परेशानी शुरू हो गई है।
पहाड़ों में हो रही बारिश से गौला में सिल्ट आने से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से पंपिंग के लिए पानी नहीं लिया जा सका। इससे काठगोदाम, नई बस्ती, वार्ड एक, दो चांदमारी, नरीमन चौक और रानीबाग के कुछ घरों में शीतलाहाट प्लांट से पेयजल सप्लाई नहीं हो पाई।
इधर शीशमहल प्लांट से भी इन दिनों पूरी क्षमता से जलशोधन नहीं हो पा रहा है। इससे नैनीताल रोड बाजार क्षेत्र, इंदिरानगर, बरेली रोड, रामपुर रोड, लालडांठ, कुसुमखेड़ा, कठघरिया तक अंतिम छोर के कई घरों में पेयजल संकट बना रहा।
नाथोपुर में सिंचाई का नलकूप खराब
हल्द्वानी। सिंचाई विभाग का 197 लामाचौड़ नाथोपुर पांडली का नलकूप बृहस्पतिवार को खराब हो गया। इससे गांव के 150 परिवारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। नलकूप खंड ने इस नलकूप की मरम्मत शुरू कर दी है।
ईई अंचित रमन ने बताया कि नलकूप की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। शनिवार तक नलकूप की मरम्मत का कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
23 टैंकरों से बांटा पानी
हल्द्वानी। जल संस्थान की ओर से बृहस्पतिवार को 23 टैंकरों से पानी बांटा गया। जलसंस्थान के सहायक अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि टैंकरों से इंदिरानगर, कुसुमखेड़ा, लालडांठ, दमुवाढूंगा, साई मंदिर बजुनिया हल्दू, बच्चीनगर और ऊंचापुल समेत कई इलाकों में पांच चक्कर पानी बांटा गया है।
गाद साफ करनेे के लिए फिटकरी बढ़ाई
हल्द्वानी। गौला के पानी में सिल्ट बढ़ने पर उसे साफ करने के लिए विभाग ने फिटकरी बढ़ा दी है। सहायक अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि सामान्य दिनों में गाद को साफ करने के लिए एक घंटे में फिटकरी की दो सिल्लियां डाली जाती हैं लेकिन अब गाद बढ़ते ही एक घंटे में छह सिल्लियां डालनी पड़ रही हैं।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली ने बताया कि गौला में गाद बढ़ने से शीतलाहाट से फिल्टर प्लांट का संचालन प्रभावित हुआ है। शीशमहल से भी 60 फीसदी ही पानी छन पा रहा है। टैंकरों से प्रभावित इलाकों में पानी बंटवा रहे हैं।