अब समस्या थी शव चंपावत कैसे ले जाया जाए। उन्होंने कई एंबुलेंस चालकों से बात की, लेकिन शाम के समय कोई भी चंपावत जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। काफी मिन्नतों के बाद जो चालक तैयार हुए, उन्होंने दस हजार रुपये मांगे। परिजनों ने कमजोर आर्थिक स्थिति की दुहाई दी तो उन्होंने एक हजार रुपये कम करने की बात कही, लेकिन यह राशि भी उनकी क्षमता से बाहर थी। ऐसे में परिजन टैक्सी स्टैंड पहुंचे। वहां से वह चंपावत चलने वाली टैक्सी पोस्टमार्टम हाउस ले आए। उन्होंने शव चादर में लपेटा और टैक्सी की छत पर बांध दिया। टैक्सी में सवारियां भी थीं। फिर परिजन यहां से शव लेकर चंपावत रवाना हो गए। सवाल यह है कि हल्द्वानी से 130 किमी दूर पाटी विकासखंड (चंपावत) ले जाना कितना मुश्किल होगा, वह भी तब जब सड़कें गड्ढायुक्त हैं और ऊपर से बारिश का अंदेशा।
संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत
एक युवक को गंभीर अवस्था में कालाढूंगी अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दीपक कुमार (35) निवासी पवलगढ़ बैलपड़ाव हाल निवासी हरिपुर धमोला नहर के किनारे बेसुध पड़ा मिला। उसे कालाढूंगी अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया।