रामनगर (नैनीताल)। रामनगर के ढेला में बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार सुबह वनकर्मियों की टीम पर पथराव कर दिया। इसके बाद जंगल में आग लगा दी। गनीमत रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीण शांत हुए। ढेला रेंजर की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ढेला गांव में बाघ के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में रोष है। ढेला रेंज के रेंजर अजय ध्यानी ने बताया कि रविवार तड़के वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए जंगल की ओर रवाना हुई तो कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए उन पर पथराव किया। इसके बाद जंगल के कुछ हिस्से में आग लगा दी। माहौल देखकर बाघ को पकड़ने के लिए टीम लौट आई और बाघ भी पकड़ में नहीं आ सका। सुबह सात बजे वन विभाग की टीम पुलिस के साथ दोबारा मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने मौके पर लोगों को शांत कराया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह करीब नौ बजे रेंज कार्यालय ढेला पहुंचकर विभाग और पशु चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। रेंजर ध्यानी ने बताया कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग करने की अपील की है। रेंजर ने मामले में दो नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी है। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि ढेला रेंजर की तहरीर पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। बता दें कि शनिवार को ढेला रेंज में बाघ ने ग्रामीण कला देवी को निवाला बना लिया था।
सुबह पकड़ते-पकड़ते रह गया बाघ
सीटीआर निदेशक धीरज पांडे ने बताया कि रविवार तड़के रेस्क्यू टीम बाघ से महज 200 मीटर की दूरी पर थी। आग लगने की वजह से बाघ दूर चला गया। दो ड्रोन, कैमरे ट्रैप, पिंजरा और एक डमी को मौके पर बाघ को पकड़ने के लिए लगाया है। घटनास्थल से 200 मीटर तक बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। 18 लोगों की टीम बाघ को पकड़ने के लिए लगातार जंगलों में घूम रही है।
मृतका का हुआ अंतिम संस्कार
बाघ के हमले में मारी गई कला देवी का रविवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। महिला के अंतिम संस्कार के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। वहीं मृतका के पिता ध्यान सिंह को ढेला रेंजर अजय सिंह ध्यानी ने मुआवजा का 1.80 लाख रुपये का चेक सौंपा।
22 तक नहीं पकड़ा गया बाघ तो 23 को करूंगा भूख हड़ताल
पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी का कहना है कि यदि 22 फरवरी तक हमलावर बाघ को नहीं पकड़ा गया तो वह 23 फरवरी को सीटीआर कार्यालय में 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। कहा कि सीटीआर प्रशासन की नाकामी के कारण एक और महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
विधायक बोले- जल्द पकड़ा जाए बाघ
विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने रविवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उनके साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पांडे भी रहे। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि बाघ के हमले की घटनाएं दुखद हैं। ग्रामीणों को बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए वन अधिकारियों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, वह ग्रामीणों के साथ हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पांडे ने कहा कि हिंसक बाघ को पकड़ने के लिए उनकी विभागीय टीम हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक बाघ पकड़ा न जाए, उस क्षेत्र में ग्रामीणों को अपनी आवाजाही बंद करनी होगी होगी। इस दौरान ग्रामीणों ने पशुओं के लिए घास और जलौनी लकड़ी दिलाने की मांग रखी। सीटीआर निदेशक ने समस्या का निराकरण करने का भरोसा दिया।
छह दिन पहले हमलावर बाघ को मारी थी डॉट
सीटीआर निदेशक ने कहा कि हमलावर बाघ को चिह्नित कर लिया है। ढेला क्षेत्र में तीन बाघ घूम रहे हैं, लेकिन एक बाघ ही हमलावर है। छह दिन पहले सांवल्दे के पास जंगल में उस बाघ को डॉट मार दी थी लेकिन इसके बाद वह घनी झाड़ियों में चला गया था। अंधेरा होने की वजह से उसे ढूंढा नहीं जा सका। डॉट लगने के एक घंटे तक ही बाघ बेहोश रहता है।