नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ ने सामूहिक नकल के आरोपी अभ्यर्थियों पर उत्तराखंड राज्य सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षाओं के लिए पांच साल का प्रतिबंध लगाने के आदेश पर रोक लगा दी है।
दो उम्मीदवारों विशाल कुमार और कन्हैया ने आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि उनके नाम एफआईआर में नहीं थे। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि प्राथमिकी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी और जांच के दौरान आरोपी उम्मीदवारों के नाम सामने आए।
अदालत ने कहा कि जब तक आरोपी उम्मीदवारों को दोषी नहीं पाया जाता, तब तक उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने से नहीं रोका जाना चाहिए। मामले को 9 अक्तूबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।