नैनीताल। सेंट जोसेफ कॉलेज के विद्यार्थी अब अंतरिक्ष विज्ञान के रहस्य और गहराई से जान सकेंगे। इसके लिए विद्यालय में एस्ट्रो पाठशाला व लैब तैयार की गई है। इससे संबंधित पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है। इसका लाभ प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों को मिल सकेगा।
विद्यालय प्रशासन की ओर से एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड संस्था के विषय विशेषज्ञों की मदद से एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार की गई है। इसमें खगोल के अध्य्यन में प्रयुक्त टेलिस्कोप रखे गए हैं। स्पेश टाइम फैब्रिक, रिफ्लेक्शन के मॉडल, राकेट के मॉडल और रॉबर्स माडल आदि स्थापित किए हैं। दीवारों पर भी अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारी अंकित की है। इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में अब तक हुए शोध, निष्कर्ष व अन्य को भी शामिल किया है। एस्ट्रोवर्स संस्था के संस्थापकों में शामिल राहुल पांथरी ने बताया कि एस्ट्रोनॉमी लैब से बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि पैदा होगी। वह इस क्षेत्र में भी अभिनव करने की सोचेंगे।
निष्प्रयोज्य सामान से बनाया जीएसएलवी मार्क थ्री
सेंट जोसेफ कॉलेज में जीएसएलवी मार्क थ्री (रॉकेट) का प्रतिरूप बनाया गया है। 33 फीट ऊंचाई के रॉकेट को निष्प्रयोज्य सामान से बनाया गया है।
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में रुचि जगाने के लिए एस्ट्रो पाठशाला, लैब व प्रतिरूप रॉकेट निर्माण की पहल की गई है। इससे संबंधित आवश्यक कोर्स पर अध्य्यन किया जा रहा है। शीघ्र ही इसे प्राथमिक से इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया जाएगा।
हेक्टर पिंटो, प्रधानाचार्य सेंट जोसेफ