नैनीताल। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आवासीय विद्यालय बसई से एक माह पहले किशोर के लापता होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को एसएसपी नैनीताल और एसएचओ रामनगर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश हुए।
एसएसपी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने किशोर के लापता होने की एफआईआर दर्ज कर ली है। किशोर की खोज के लिए टीम भी गठित कर दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश के गृह सचिव को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी को निर्देश दिए हैं कि कमेटी ने जो सुझाव दिए हैं उन पर शीघ्र विचार कर निर्णय लें। सभी पक्षकारों को सात नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई। हल्द्वानी की रोशनी सोसायटी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रामनगर के बसई में मेंटली चाइल्ड रेजिडेंशियल स्कूल है। चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी की ओर से अनाम को यहां भर्ती कराया गया था। किशोर ठीक से बोल नहीं पाता था। 12 अगस्त को वह स्कूल से लापता हो गया था। बीती नौ सितंबर को स्कूल प्रबंधन की ओर से किशोर की गुमशुदगी दर्ज की गई।
याची का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर लिखने में देरी की। पुलिस का कहना था कि रिपोर्ट दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कोई अपराध नहीं हुआ है। बाल सुधार आयोग के निर्देश के बाद भी एसएसपी की ओर से न तो कार्रवाई की गई और न ही संस्थान को जानकारी दी गई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि बच्चे कैसे भी गायब हुए हों पुलिस उसकी एफआईआर अपहरण में दर्ज करे।