बेतालघाट । लॉकडाउन के चलते ग्राम पंचायत नोघर के रानीबाग तोक में गंगा गिरी को जिंदगी की अंतिम यात्रा में इकलौते बेटे का कांधा भी नहीं मिल पाया । गांव वालों ने ही मिलकर अंत्येष्टि रस्म कर दफनाया है ।
बीते सप्ताह 94 साल के गंगा गिरी की मृत्यु हो गयी थी, वह अपनी बहू के साथ गांव में रहते थे। उनका बेटा चंदन गिरी हरियाणा में रहता है। घर पर पिता के निधन की सूचना मिलने पर अपने गांव को टैक्सी से बेतालघाट को आ रहा था। रात एक बजे काशीपुर के ठाकुरद्वारा पहुंचने पर पुलिस कर्मियों ने आगे जाने से मना कर दिया। चन्दन ने परमिशन पास भी दिखाया और गांव वालों से बात भी कराई परन्तु पुलिस वाले नहीं माने और वापस लौट जाने को कहा। चार घंटे की बहस के बाद चन्दन मायूस होकर वापस हरियाणा लौट गया गांव वालों को जब पता चला तो उन्होंने मिलकर ही अंत्येष्टि क्रिया की। गंगा गिरी के बडे बेटे की पहले ही मौत हो गयी थी। उसकी पत्नी गांव में ही रहती है। अब चन्दन पीपलपनी में आने को चिंतित है