हल्द्वानी। कक्षा एक में प्रवेश के लिए छह वर्ष की आयु की बाध्यता होने से शहर में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों में भी बीते छह दिन में बेहद कम दाखिले हुए हैं। इनमें अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक 50 से 60 प्रवेश हो जाते थे, लेकिन इस बार कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां एक भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जा सका है।
अमर उजाला ने शनिवार को शहर के सर्वाधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से बात की तो जानकारी मिली कि अभिभावक बच्चों का दाखिला कराने के लिए सरकारी स्कूल तो पहुंच रहे हैं लेकिन बच्चे की आयु छह वर्ष से कम होने के कारण उन्हें दाखिला नहीं दिया जा रहा है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा में शनिवार तक पांच बच्चों के प्रवेश हुए हैं। करीब 35 बच्चों को आयु सीमा कम होने के कारण प्रवेश नहीं मिल पाया। वहीं राप्रावि लालकुआं में अभी तक एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। अभी तक 10 अभिभावक स्कूल में दाखिले के लिए पहुंचे थे, लेकिन बच्चे की आयु कम होने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा। इसी तरह राप्रावि राजपुरा और राप्रावि नवाड़खेड़ा में दो-दो बच्चों के प्रवेश हो पाए हैं। यहां भी आयु सीमा कम होने के कारण कई अभिभावकों को लौटना पड़ा।
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नियमों में छूट नहीं मिली तो सरकारी स्कूलों में घट जाएगी छात्र संख्या
हल्द्वानी। शिक्षा विभाग ने प्री प्राइमरी स्कूल (आंगनबाड़ी) में दाखिले की न्यूनतम उम्र तीन साल और कक्षा एक में प्रवेश की न्यूनतम उम्र छह वर्ष निर्धारित की है। आयु कम होने के कारण नैनीताल जिले में करीब 20,000 बच्चे सरकारी या निजी स्कूलों में कक्षा एक में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। शिक्षा विभाग के फरमान के चलते अभिभावकों को निजी स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। निजी स्कूलों में छह से कम आयु सीमा के कारण यूकेजी में ही दाखिला मिल पा रहा है। नियमों में ढील नहीं मिली तो सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या तेजी से गिरेगी। संवाद
- प्रधानाध्यापकों से बातचीत
पिछले वर्षों में अप्रैल के पहले सप्ताह तक 25 एडमिशन हो जाते थे। अभी तक कक्षा एक में दो नए प्रवेश हुए हैं। करीब आठ बच्चों की आयु छह साल पूरी ना होने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया है।
-गीता गुरुरानी, प्रधानाध्यापक, राप्रावि राजपुरा
उम्र की बाध्यता के कारण प्रवेश के लिए आए 35 बच्चों को लौटा दिया गया। अभी तक पांच बच्चों के प्रवेश हुए हैं। पिछले साल तक एक सप्ताह के भीतर 50 से 60 एडमिशन हो जाते थे। गाइडलाइन के अनुसार ही प्रवेश दिए जा रहे हैं।
-कविता पंत, प्रधानाध्यापक, राप्रावि बनभूलपुरा
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अभी तक कक्षा एक में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है, जो भी अभिभावक बच्चों को प्रवेश के लिए ला रहे हैं। उनकी आयु छह वर्ष से कम है। करीब 10 बच्चों को कम उम्र के कारण प्रवेश नहीं दिया गया।
-गीता बिष्ट, प्रधानाध्यापक, राप्रावि लालकुआं
कक्षा एक में अभी तक दो प्रवेश हुए हैं। करीब 12 बच्चों के प्रवेश आयु सीमा पूरी ना होने के कारण नहीं लिए गए। छह साल पूरे ना होने के कारण अभिभावक सरकारी स्कूल के बजाय निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं।
-संतोष रौतेला, प्रधानाध्यापक, राप्रावि नवाड़खेड़ा
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-कोट-
- नियमों के मुताबिक छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों को ही कक्षा एक में दाखिला दिया जा रहा है। इस कारण छह से कम आयु के बच्चों के प्रवेश नहीं लिए जा रहे हैं। नियमों में छूट दिए जाने को लेकर निदेशालय से पत्राचार किया गया है।
-जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल।