संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में पिछले दिनों हुए गबन के मामले के बाद तीन महिला कर्मचारियों को हटाए जाने से बिलिंग काउंटर पर दबाव बढ़ गया है। कर्मचारियों की कमी होने पर दूसरे विभाग से कर्मचारी लिए गए हैं।
एसटीएच में मरीजों की जांच का पैसा अस्पताल के खाते में जमा न कर खुद हड़पने का मामला सामने आया था। अस्पताल में छह बिलिंग काउंटर हैं, जिनमें 10 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। धांधली के बाद तीन को यहां से हटा दिया गया है। इससे कामकाज प्रभावित होने लगा है। अस्पताल में हर रोज करीब 125 मरीज डिस्चार्ज और 130 भर्ती होते हैं। लैब में भी हर रोज 1000 मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच होती है। इसके अलावा एक्सरे में 250 से 300, सीटी स्कैन और एमआरआई में भी 30 से 40 मरीजों की जांच की जाती है जिसमें कर्मचारियों की कमी से काम प्रभावित हो रहा है।
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- कर्मचारियों की कमी से काम का दबाव बढ़ा है, इसलिए अन्य विभागों से कर्मचारियों कर्मचारियों को लिया जा रहा है ताकि अस्पताल का कार्य सुचारु चल सके। ऑनलाइन सिस्टम के लिए चिकित्सा एवं शिक्षा निदेशालय को पिछले एक साल में कई बार पत्र भेजा जा चुका है।
-डॉ. जीएस तितियाल, चिकित्सा अधीक्षक, सुशीला तिवारी अस्पताल।