लालकुआं। बिंदुखत्ता वनाधिकार समिति और पूर्व सैनिक संगठन बिंदुखत्ता की ओर से आयोजित वनाधिकार कानून पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में शिवसेना ने संगठन की मांग को अपना समर्थन दिया है। शिवसेना के कुमाऊं संयोजक पूरन चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने में वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 ही वैधानिक और व्यावहारिक मार्ग बचा है। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के वर्ष 2006 के उस पत्र का विस्तार से जिक्र हुआ जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर लगाई रोक का स्पष्ट उल्लेख है। पत्र में राज्य सरकार को सलाह दी गई थी कि वह आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में आदेश संशोधन के लिए याचिका दायर कर सकती है। वनाधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ और सचिव भुवन भट्ट ने कहा कि एफआरए के तहत ही बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ दानू, शिवसेना के कुमाऊं संयोजक पूरन भट्ट, बसंत पांडे, चंचल कोरंगा, श्याम रावत, इंदर पनेरी, दलवीर कफोला, रंजीत गड़िया, केडी मिश्रा, सुरेश कुमार, कविराज धामी, उमेश भट्ट, भरत नेगी, रमेश गोस्वामी, कैलाश जोशी आदि रहे।