नैनीताल। पंतनगर विवि के मत्स्य वैज्ञानिकों के दिशा निर्देशन में नैनीझील में पारिस्थितिकी संतुलन में बाधक बन रही मछलियों को झील से बाहर निकाला जा रहा है। 20 अक्तूबर से बिग हेड व कॉमन कार्प प्रजाति की मछलियों को निकालने का कार्य शुरू हुआ। अब तक सात क्विंटल मछलियों को निकाला जा चुका है। मत्स्य वैज्ञानिकों ने कहा कि झील का सर्वे करने पर पता चला है कि अनुपयोगी प्रजाति की मछलियां 60 प्रतिशत से अधिक हो चुकी हैं। इसमें सहयोग कर रही निजी कंपनी ग्लोबल एक्वा के आनंद कोरंगा ने बताया कि अभियान 31 अक्तूबर तक जारी रहेगा। डाॅ. आशुतोष मिश्रा ने नेतृत्व में कार्य किया जा रहा है।