हल्द्वानी। सितारगंज जेल में सजा भुगत रहे कैदी की एसटीएच में सोमवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। कैदी साढ़े चार साल की सजा काट चुका था। सजा होने से चार माह पहले ही उसने शादी की थी लेकिन परिवार के साथ रहने का सौभाग्य उसे नहीं मिल सका। चिल्किया रामनगर निवासी गोपाल सैनी (59) तीन मार्च 2015 से सितारगंज स्थित संपूर्णानंद जेल में बंद था।
किडनी और लीवर की बीमारी से ग्रस्त होने पर उसे जेल अधिकारियों ने दो फरवरी 2016 को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार रात कैदी की मौत हो गई। मेडिकल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया। चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि गोपाल की शादी सजा से चार माह पहले शांति से हुई थी।
शव को लेने के लिए पत्नी शांति के अलावा उसका भाई हरदयाल सैनी आया था। इस बारे में जेल अधीक्षक टीडी जोशी ने बताया कि गोपाल को बलात्कार और धमकी (376,506) के मामले में सात साल की सजा 15 नवंबर 2011 को हुई थी। सजा के बाद उसे देहरादून जेल भेजा गया था। देहरादून से वह तीन मार्च 2015 को संपूर्णानंद जेल आया था। जेल में आने पर पता चला कि उसके लीवर, किडनी में काफी समस्या है। इधर बीच वह पीलिया रोग से भी ग्रसित हो गया था।