हल्द्वानी। केंद्र सरकार की ई-गवर्नेंस परियोजना का उपक्रम समर्थ पोर्टल एक मल्टीटास्किंग डिजिटल पार्टनर है। राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विवि और महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा से संबंधित सभी काम इसी से होने हैं। इस पोर्टल पर छात्रों को प्रवेश से लेकर परीक्षाफल प्राप्त करने की सभी सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना के लिए भी इसके जरिए छात्र आवेदन करेंगे। सभी महाविद्यालयों में एक ही समय में एडमिशन और एक ही समय पर परीक्षाएं होंगी।
समर्थ पोर्टल के नोडल अधिकारी डॉ. चमन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा मिशन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शिक्षा मंत्रालय की योजना के तहत बना समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल 2019 में शुरू किया गया था। देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) से की जा रही है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सफल संचालन के बाद राज्य सरकारें भी इसका प्रयोग कर रही हैं। पोर्टल में उच्च शिक्षा से संबंधित 41 मॉड्यूल संचालित होने हैं। इनमें से फिलहाल 10 मॉड्यूल वर्तमान में संचालित किए जा रहे हैं। एक साल के भीतर सभी मोड्यूल संचालित करने का लक्ष्य है।
हर छात्र का अपना लॉगिन
समर्थ पोर्टल में हर छात्र का अपना लॉगिन होगा। इसके जरिए एडमिशन, आई कार्ड, परीक्षा आवेदन, एडमिट कार्ड और मार्कशीट भी मिल पाएगी। इसे डिजीलॉकर से एकीकृत करने की योजना है।
राज्य सरकार की योजनाओं का मिलेगा लाभ
उच्च शिक्षा के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से संचालित छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ समर्थ पोर्टल के जरिए मिलेगा। 12वीं के टॉपर (न्यूनतम 80 प्रतिशत) जो महाविद्यालय में एडमिशन ले रहे हैं वे इसी पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करेंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर में वर्षवार और संकायवार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले छात्रों का डाटा भी इससे प्राप्त होगा। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूरा होने पर संकाय में ओवरऑल प्रथम आने पर दी जाने वाली एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी पोर्टल के जरिए मिलेगी।
परीक्षा और परीक्षाफल में होने वाली देरी से मिलेगी निजात
महाविद्यालय के छात्रों को परीक्षाएं देरी से होने और परीक्षाफल देर से मिलने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस कारण छात्र जॉब या उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जा पाते है। समर्थ पोर्टल के जरिए प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में प्रवेश से लेकर परीक्षाफल तय समय पर मिलेगा।
दस साल बाद भी छात्र ले सकेंगे प्रवेश
एनईपी के तहत मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। अगर छात्र जॉब पर चले गए और फिर नौकरी छोड़कर उच्च शिक्षा लेना चाहें तो 10 साल बाद भी समर्थ के जरिए प्रवेश का विकल्प खुला रहेगा।
छात्रों से जुड़े जरूरी मॉड्यूल
1- प्रोग्राम एंड कोर्सेस (प्रक्रिया)
2- एडमिशन (प्रक्रिया)
3- इवेल्यूएशन एंड ग्रेडिंग (इंटर्नल)
4- स्टूडेंट लाइफ साइकिल
5- पीएचडी एंट्रेंस
6- रिसर्च
7- स्टूडेंट फीडबैक
8- ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट
9- एुलमिनाई (भूतपूर्व छात्र) पोर्टल
10- कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम