पार्षद ने सफाई कर्मियों की मांग पर कराया मुंडन
मेयर के पुतले के दाह संस्कार से पहले पार्षद रोहित कुमार ने मुंडन कराया और पुतले को आग के हवाले किया। प्रतीकात्मक तौर पर कर्मकांड की रस्म भी निभाईं। रोहित ने आरोप लगाया कि मेयर शासनादेश के बाद भी सफाई कर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दे रहे हैं। कहा कि वह सफाई कर्मियों के साथ मांग पूरी न होने तक साथ रहेंगे।
संयुक्त मोर्चा ने डीएम को भेजा पत्र
सफाई कर्मियों के संयुक्त मोर्चा ने डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि उन्होंने वाहनों को बंधक बनाया हुआ था और सफाई को लेकर उन्होंने मारपीट भी की। कहा कि ये आरोप निराधार हैं। सफाई कर्मचारी संघ इसका विरोध करता है। प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह और रामअवतार राजौर ने कहा कि आंदोलन के दौरान सफाई कर्मी कोई भी हिंसक प्रदर्शन नहीं करेंगे।
ये हैं मांगें
बढ़ा हुआ मानदेय देने, नगर निगम में ठेका प्रथा समाप्त करने, यातायात नगर में कार्यरत सफाई कर्मियों को निगम में शामिल करने, चालक के रूप में कार्य कर रहे सभी कर्मियों को चालक के समान वेतन देने, बैंणी सेना की व्यवस्था समाप्त करने और मैजिक निजी डोर टू डोर को नगर निगम में विलय करने आदि मांगें शामिल हैं।
जनहित में हड़ताल खत्म करें सफाई कर्मी : मेयर
लोकतंत्र में यूनियन को अपनी मांगों के लिए अधिकार प्राप्त हैं। शासनादेश होने के उपरांत बढ़ा हुआ मानदेय निगम बोर्ड फंड से ही दिया जाना है जोकि वर्तमान बोर्ड फंड की स्थिति से भुगतान कर पाना संभव नहीं है। मानदेय बढ़ने से अतिरिक्त व्यय भार लगभग नौ करोड़ रुपये सालाना हो रहा है। हमने शासन को इस बात से अवगत करा दिया है। जल्द ही समाधान होगा। कुछ मांगें उचित प्रतीत नहीं होती हैं। मैं जनहित में सफाई कर्मियों से तत्काल हड़ताल खत्म करने का अनुरोध करता हूं। जहां तक पुतला दहन और शव यात्रा निकालने की बात है, इससे राजनीतिक आयु और जैविक आयु बढ़ती है। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद करता हूं।
- जोगेंद्र रौतेला मेयर नगर निगम।
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