काशीपुर। आठ साल बाद आरओबी जनता के लिए खुल चुका है लेकिन आरओबी से प्रभावित रोडवेज बस अड्डे को अभी राहत नहीं मिल सकी है। पर्वतीय क्षेत्रों एवं दूसरे डिपो की बसें रोडवेज बस अड्डे में नहीं आ पा रही हैं। यात्रियों को बसों के लिए टांडा तिराहे पर इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्ष 2017 में बाजपुर रोड पर आरओबी का निर्माण शुरू हुआ था। तब से बाजपुर मार्ग पर फाटक बंद कर दिया गया। इससे बाहरी डिपो की बसों को डिपो में आने के बजाय टांडा तिराहा, स्टेडियम तिराहा पर बनाए गए स्टॉपेजों पर रोकने के आदेश दिए गए। कहा गया था कि निर्माण पूर्ण होने के बाद फिर से बस अड्डे में बसों का आना-जाना शुरू हो जाएगा। अब आठ साल बाद आरओबी चालू हो जाने के बाद भी बाहरी बसें बस अड्डे तक नहीं आ रही हैं। रोडवेज प्रशासन को अधिकारिक तौर पर अभी तक इस पुल पर बसों के संचालन की कोई सूचना नहीं दी गई है। इस कारण दिल्ली मार्ग पर जाने वाली बसों को चीमा चौराहे से घूमकर जाना पड़ रहा है। संवाद
रोडवेज डिपो प्रशासन को आरओबी पर बसों के संचालन के लिए यदि कोई आधिकारिक सूचना मिल जाए तो बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। साथ ही बाहरी सभी डिपो को भी बाहर स्टॉपेजों के बजाय डिपो में बस लाने के संबंध में पत्र भेजने की कार्यवाही की जाएगी। - अनिल सैनी, एआरएम, काशीपुर डिपो
यह आरओबी भारी वाहनों के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। फिलहाल छोटे वाहन ही पुल पर चलेंगे। डंपर और बसों के आने-जाने की अनुमति नहीं है। - प्रमोद सुयाल, एई, एनएच खंड