हल्द्वानी। कांवड़ यात्रा के दौरान जाम लगना आम हो गया है। सोमवार को कांवड़ यात्रा के चलते बसों का रूट डायवर्ट था। इसके बाद भी रोडवेज की बसें जाम में फंस गईं। जाम में फंसने के चलते बसें अपने निर्धारित समय से छह घंटे देरी से हल्द्वानी बस अड्डे पहुंचीं। उधर देहरादून के लिए यात्रियों को 125 रुपये और दिल्ली के लिए 80 रुपये अतिरिक्त किराया अदा करना पड़ा।
रविवार रात दिल्ली से हल्द्वानी आने वाली रोडवेज बसें जगह-जगह कांवड़ यात्रा के चलते जाम में फंस गईं। रोडवेज के हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, रानीखेत, रामनगर, काशीपुर, रुद्रपुर, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, लोहाघाट, टनकपुर डिपो की 45 से अधिक बसें जो दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, जयपुर, देहरादून से आ रहीं थीं जाम में फंस गईं। इस कारण जहां यात्रियों को गर्मी और उमस में दिक्कतों का सामना करना पड़ा वहीं सफर भी पांच से छह घंटे देरी से पूरा हुआ।
परिवहन निगम के चालकों का आरोप है कि यूपी में बसों को किसी भी निर्धारित रूट से न भेजकर कांवड़ियों की भीड़ के मुताबिक रूट तय किया जा रहा है लेकिन इन रूटों पर भी कांवड़ियों के चलने से जाम की स्थिति पैदा हो रही है।
मुख्य सड़क पर जाम लगने के कारण बसों को गाजियाबाद, बुलंदशहर, बबराला, डीवाई, गवां, संभल, बिलारी, शाहाबाद, मिलक, केमरी, बिलासपुर होते हुए रुद्रपुर आना पड़ रहा है। इससे बसों को करीब 70 से 80 किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ देहरादून की बसों को भी धामपुर से नहटौर, हल्दौर, बिजनौर, मीरापुर, जानसठ, देवबंद, नागन, छुटमलपुर, बिहारीगढ़ होते हुए देहरादून भेजा गया। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि कांवड़ यात्रा के कारण जाम लग रहा है। इस कारण बसें पांच से छह घंटे देरी से हल्द्वानी पहुंच रही हैं। ये ही हाल हल्द्वानी से जाने वाली बसों का भी है।