टनकपुर (चंपावत)। शारदा खनन में फर्जी वाहनों के नंबर से राॅयल्टी काटने का मामला सामने आया है। इसमें निकासी कांटे पर तैनात ठेकेदार कंपनी के कंप्यूटर आपरेटर की लिप्तता सामने आई है। वन निगम के खनन प्रभाग ने कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला पकड़ में आने से चोरी कर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे माफिया में खलबली मची है।
शारदा में खनन शुरू होते ही इसकी आड़ में माफिया भी सक्रिय हो जाते हैं। जो राॅयल्टी की चोरी कर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाते हैं। इस बार भी ऐसा ही एक मामला पकड़ में आया है, जिसमें फर्जी वाहनों के नंबरों से राॅयल्टी काट कर राजस्व चोरी का प्रयास किया गया है। जानकारी के मुताबिक गत 17 फरवरी की देर शाम शारदा के कालाझाला गेट में निकासी बंद होने के बाद कांटे पर तैनात ठेके के कंप्यूटर आपरेटर ने 35 से अधिक ऐसे नंबर के वाहनों की राॅयल्टी काटी है जो खनन कार्य में पंजीकृत ही नहीं है। इन वाहनों में कुछ ई-रिक्शा और कुछ बाइकों के भी नंबर शामिल होना बताया गया है।
फर्जी तरीके से राॅयल्टी काटने का मामला पकड़े जाने से जहां खनन में राजस्व चोरी के खेल का खुलासा हुआ है, वहीं इसमें लिप्त माफिया में भी खलबली मची है। बताया गया कि फर्जी वाहनों के नंबर की राॅयल्टी काटकर माफियाओं को बेची जाती है, जिससे राॅयल्टी काटने वाले कर्मचारी और माफिया दोनों को मुनाफा होता है।
विगत 17 फरवरी की देर शाम फर्जी वाहनों के नंबर से रायल्टी काटी गई है। जांच के लिए कमेटी गठित कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाई। रिपोर्ट मिलते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार, डीएसएम व कार्यवाहक खनन प्रबंधक वन निगम।