नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में शनिवार को आंतरिक शोध परियोजना (केयूआईएफ़आर) के तृतीय चरण के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के शोधार्थियों ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी समिति के समक्ष अपनी शोध परियोजनाओं को प्रस्तुत किया। इसमें कुल 34 शोध परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया।शोध एवं विकास प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित मूल्यांकन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने की। कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि उनकी इस पहल का उद्देश्य संकाय सदस्यों को शोध परियोजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है। अब विश्वविद्यालय में शोध कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने शोधार्थियों को अभिनव, समाजोपयोगी और बहु-विषयक शोध विषय चुनने को कहा। शोध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित भी हो। वर्ष 2023 के बाद से विवि में शोध संख्या व गुणवत्ता में सुधार हुआ है। योग्य शोधों को पेटेंट कराया जाना चाहिए। यहां भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरु के वैज्ञानिक प्रो. पार्थ मंडल, विज्ञान संकायध्यक्ष प्रो. चित्रा पांडेय, शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. एनजी. साहू, डॉ. मनीषा त्रिपाठी, डॉ. महेश कुमार, डॉ. दीपक कुमार आदि रहे। संवाद