हल्द्वानी। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय के अनुसार अष्टमी तिथि चार सितंबर से शुरू होकर पांच सितंबर रात 12:14 बजे तक रहेगी। गृहस्थजन चार सितंबर और वैष्णवजन पांच सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे। उन्होंने बताया कि पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:56 से 12:41 बजे तक रहेगा। पारण पांच सितंबर को सुबह 6:05 बजे के बाद किया जाएगा। इस दौरान चंद्रमा वृषभ राशि में होंगे। भगवान श्रीकृष्ण को शहद, तुलसी, किशमिश, पंचामृत, फल, खीरा, धनिया पंजीरी और माखन-मिश्री का भोग लगाने की परंपरा रहेगी।