सुरेंद्र खुराना
किच्छा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ग्राम चुकटी देवरिया में देवभूमि सेवा समिति की ओर से चल रही रामलीला अल्मोड़ा के बाद पहली लीला है जहां पर महिला पात्रों का रोल महिलाएं कर रही है। पूरी तरह कुमाऊंनी शैली से हो रही लीला पूरी तरह संगीतमय है। लीला में चौपाईयां, राग केदार, खंबाच, राग बेस व खड़ी चौपाई का प्रयोग होता है। इस तरह से अलग तरीके की लीला का मंचन करके यहां की युवा पीड़ी अपनी परंपराओं को जीवित रखे हैं।
रामलीला कमेटी के महासचिव मंडी समिति अध्यक्ष कमलेंद्र सेमवाल ने बताया कि पिछले साल इस लीला में कुम्भकरण की भूमिका अल्मोड़ा जिला पंचायत उपाध्यक्ष कांता रावत ने अदा की थी। कांता का मायका इस गांव में है और वह लीला के दौरान यहां आई हुई थी। उनके बेहतरीन मंचन से गांव की महिलाऐं अत्याधिक प्रभावित हुई। इस साल की लीला में महिलाओं ने बड़चड़ कर हिस्सा लिया बताया कि सीता का अभिनय काजल मिश्रा, कैकई का तनूजा पपनै,मंदोदरी का रोल प्रिया आर्या, सुलोचना गीताजंली कांडपाल, सुमित्रा का रोल दीपाली मिश्रा, कौशल्या व सुनैना का रोल पलक मिश्रा, गौरी व सखियों का रोल निशा बिष्ट के अलावा बड़ी संख्या में गांव की युवतियां विभिन्न अभिनय कर रही हैं।
कमेटी के अध्यक्ष राजा भंडारी ने बताया कि यह रामलीला लगभग 50 सालों से हो रही है। इस लीला के मंचन में लाईट, पर्दे समेत सभी व्यवस्था गांव के ही कलाकार करते हैं। जिन दिनों में लीला मंचन होता है गांव का हर व्यक्ति इसमें शामिल होता है। दस दिनों तक गांव में उत्सव का माहौल बना रहता है। गांव एकता की मिसाल है यहां पर सुरक्षा का काम पुलिस की बजाय गांव के युवा करते हैं।
रावण-अंगद संवाद का प्रसंग मंचित
किच्छा। मंगलवार रात लीला में रावण अंगद संवाद के प्रसंग का मंचन किया गया। इस मौके पर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। ग्राम चुकटी में चल रही लाला में मंगलरार रात को रावण अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान द्वारा संजीवनी लाने के प्रसंग का मंचन किया गया। यहां पर राजा भंडारी, कमनलेंद्र सेमवाल, दिनेश तिवारी, विशाल ठाकुर,केशव तिवारी, रमेश तिवारी, त्रिलोक जोशी, दीपक नगरकोटी आदि थे।