हरीश चंद्र पांडे
भीमताल (नैनीताल)। प्रदेश स्तर की सार्वजनिक संपत्तियां अब नागरिकों के निजी उपयोग में भी काम आ सकेंगी। सार्वजनिक संपत्तियों का पूर्ण उपयोग करने और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए शासन की ओर से इस संबंध में सभी डीएम को पत्र भेजा गया है। नैनीताल जिले में भी इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इधर किस सार्वजनिक संपत्ति का क्या किराया होगा, इसका जिला स्तर पर तय किया जाएगा।
सरकारी संपत्तियों का उपयोग करने का उद्देश्य
उत्तराखंड राज्य सार्वजनिक सेवा प्रदान करने और अपने नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक संपत्तियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति का पूर्ण उपयोग करने और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना, संपत्ति के रखरखाव और देखभाल के लिए राजस्व अर्जित करना, सामुदायिक विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक क्रियाकलापों को बढ़ावा देना है।
कार्यालय बंद होने के बाद होगा इस्तेमाल
सार्वजनिक परिसंपत्तियों में जन उपयोग के लिए सेमीनार हॉल, ऑडिटोरियम, पार्किंग क्षेत्र, पार्क, कक्षाओं जैसी समस्त सरकारी संपत्तियों का उपयोग कार्यालय बंद होने के बाद ही किया जा सकेगा।
इन कार्यालयों और अधिष्ठानों का रखा जाएगा बाहर
राजभवन परिसर, मुख्यमंत्री कार्यालय परिसर, विधानसभा परिसर, न्यायालय परिसर, सचिवालय परिसर, पुलिस एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित मुख्यालय, कार्यालय को बाहर रखा गया है।
कोट
शासन की ओर से मिले आदेश के बाद विभागीय अधिकारियों से सार्वजनिक संपत्तियों का विवरण मांगा गया है। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।- डॉ. संदीप तिवारी, सीडीओ