हल्द्वानी। बिना होमवर्क किए अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण के संबंध में बैठक तो बुला ली, लेकिन वे व्यापारियों के सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए। व्यापारियों ने जब विस्थापन नीति के बारे में पूछा तो अधिकारी बोले निगम की दुकानों में जो किरायेदार हैं, उन्हें दूसरी जगह भेज देंगे, वहां कुछ व्यापारियों को जगह दे देंगे। 67 अतिक्रमण तोड़ने के बाद उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा। इसके बारे में अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
शहर लगातार बढ़ रहा है। जनसंख्या और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मंगलपड़ाव से लेकर रोडवेज तक सड़क संकरी है, ऐसे में यहां सबसे अधिक जाम लगता है। मंगलपड़ाव से कोतवाली तक पहुंचने में 15 मिनट का समय लग जाता है। यहां दो बड़े अस्पताल भी हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई है। ऐसे में कई प्रतिष्ठानाें पर लाल निशान लगाए हैं।
इसी के संबंध में शनिवार को नगर निगम ने प्रभावित व्यापारियों, व्यापारिक संगठनाें और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। जब व्यापारियों ने सवाल दागे तो अधिकारी निरुत्तर हो गए। व्यापारी बोले, सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन को विस्थापन नीति लानी चाहिए। कहा कि देहरादून में व्यापारियों के प्रतिष्ठान तोड़ने के दौरान उन्हें आईएसबीटी और अन्य जगह दुकान उपलब्ध कराई गईं। यहां के दुकानदारों के लिए क्या योजना है, इस पर सीडीओ अशोक कुमार पांडे और नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय कोई जवाब नहीं दे पाए।
ऐसे नहीं किया होमवर्क -
- अतिक्रमण तोड़ने के बाद व्यापारियों को कहां शिफ्ट किया जाएगा?
- सड़क चौड़ीकरण के दौरान जो दुकानें नजूल भूमि पर बनी हैं उनका क्या होगा?
- सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे फ्री होल्ड दुकानों का कितना मुआवाजा मिलेगा ?
- विस्थापन नीति क्या है?
- सड़क की चौड़ाई कितनी है?
व्यापारियों ने किया बैठक का बहिष्कार: बोले, जिसके आदेश वह ही बैठक में नहीं, तो क्यों बुलाई बैठक
चेतावनी: 70 साल पुरानी दुकानें, मानव श्रृंखला बनाकर खड़े होंगे जेसीबी के आगे
हल्द्वानी। नगर निगम में बुलाई गई बैठक में शुरू होते ही हंगामा हो गया। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और व्यापारियों ने बैठक में डीएम के न होने पर बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि व्यापारियों का कभी फ्लाईओवर, कभी सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। जबरन दुकान तोड़ी गई तो मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया जाएगा।
सीडीओ अशोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में बैठक हुई। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने अतिक्रमण के बारे में बताना शुरू किया। कहा कि डीएम के आदेश पर मंगलपड़ाव से रोडवेज तक सड़क को दोनों ओर 12-12 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में आ रहे भवन, दुकानों को तोड़ा जाएगा।
इस पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने सवाल उठाया। कहा कि जब डीएम के आदेश पर चौड़ीकरण हो रहा है तो बैठक में वह क्यों नहीं आईं। सभी व्यापारियों ने डेस्क बजाकर इसका समर्थन किया। कहा कि घोषणा के बावजूद रिंग रोड क्यों नहीं बनाई जा रही है। इसके बाद व्यापारियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और वहां से उठकर चल दिए। इसके बाद चार-पांच व्यापारी ही सभागार में मौजूद रहे।
एक तरफ राम को स्थापित कर रहे हैं, दूसरी तरफ हटा रहे
हल्द्वानी। दो महिला व्यापारियों ने कहा कि उनकी दुकान 70 साल पुरानी है। सरकार को फ्लाईओवर बनाना चाहिए। एक तरफ राम को स्थापित करने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ उन्हें उजाड़ा जा रहा है। मेरा नौ साल का बेटा है। मेरी रोजी-रोटी दुकान से ही चलती है। ऐसे में बच्चे की फीस कहां से दूंगी।
नहीं पहुंचे निर्वतमान मेयर
नगर निगम की ओर से आयोजित बैठक में निवर्तमान मेयर जोगेंद्र रौतेला, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन बिष्ट को भी बुलाया गया था। बैठक में ये न खुद पहुंचे और न ही उनके प्रतिनिधि दिखाई दिए।
67 निजी भवन आ रहे हैं जद में
हल्द्वानी नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बैठक में बताया कि मंगलपड़ाव से रोडवेज तक सड़क को 24 मीटर चौड़ा करने में 67 निजी भवन, दुकानें और 14 नगर निगम की दुकानें आ रही हैं। इसके अलावा आंबेडकर पार्क, होली ग्राउंड, अस्पताल, स्टेडियम, बैंक की सरकारी जमीन भी आ रही है।
कई व्यापारी संगठनों ने किया विरोध
हल्द्वानी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता, महानगर अध्यक्ष योगेश शर्मा और महामंत्री मनोज जायसवाल ने कहा कि व्यापारियों की दुकानों को यदि एक इंच भी हिलाया गया तो व्यापारी आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। देवभूमि उद्योग व्यापार समिति के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत सिंह चड्ढा और महानगर अध्यक्ष गोविंद बगडवाल ने कहा कि चौड़ीकरण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर ने कहा व्यापारी समाज एकजुट है और शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।