हल्द्वानी। नगर निगम की बोर्ड बैठक में निगम कार्यालय में दिव्यांगों के आने-जाने के लिए लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम के अधिकारियों ने यहां लिफ्ट लगाना तो दूर जब्त की गई पॉलिथीन भरकर शहर का सबसे बड़ा कूड़ाघर बना दिया। अगर आग लगी तो निगम को भवन बचाना भी मुश्किल पड़ सकता है।
जब नगर निगम भवन बनाया गया तो उसमें प्रथम तल, द्वितीय तल और तृतीय तल जाने के लिए दो जगह लिफ्ट का प्रावधान किया गया था। बाकायदा इन दो जगह लिफ्ट लगाने के लिए स्थान भी छोड़ा हुआ है। निगम में कई फरियादी दिव्यांग और बुजुर्ग आते हैं। इन्हें सीढि़यों से चलकर नगर आयुक्त और मेयर के कक्ष में पहुंचना होता है। इससे इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए मेयर जोगेंद्र रौतेला ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लिफ्ट लगाने की बात कही थी। नगर निगम की तीसरी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव भी पास किया गया। बोर्ड ने सर्वसम्मति से लिफ्ट लगाने के लिए हामी भरी।
तब से तीन वर्ष बीत चुके हैं। इस बोर्ड बैठक का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इसके बाद भी लिफ्ट नहीं लगी। हद तो यह है कि नगर निगम ने यहां जब्त की गई पॉलिथीन भर दी। पॉलिथीन भरने के बाद प्लाई ठोक कर इसे बंद भी कर दिया गया।
कोट-
पॉलिथीन का निस्तारण करने के लिए टेंडर किए गए हैं। जल्द ही इसका निस्तारण करा दिया जाएगा। बोर्ड प्रस्ताव के अनुसार यहां पर लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।
-पंकज उपाध्याय नगर आयुक्त।