नैनीताल। हाईकोर्ट ने रेजीडेंस सोसाइटी तपोवन ऋषिकेश की एसोसिएशन के चुनाव के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह व्यवस्था देते हुए साफ किया है कि सोसाइटी में वहां रह रहे लोंगो का कल्याण है। इसलिए फलैट स्वामी, किराएदार या लाइसेंसी जो भी हो वह चुनाव प्रक्रिया में प्रतिभाग कर सकता है। इस संबंध में पूर्व में एकलपीठ ने आदेश पारित कर कहा था कि सोसाइटी के चुनाव में वहीं मतदाता होगा जो फलैट स्वामी हो।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नितिन देव व अन्य ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें एकलपीठ ने एकलपीठ ने आदेश पारित कर कहा था कि सोसाइटी के चुनाव में वहीं मतदाता होगा जो फलैट स्वामी हो।