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उमड़ी भीड़, बे-बस हुईं बहनें

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रक्षाबंधन के अवसर पर हल्द्वानी के रोडवेज बस स्टेशन पर बस में सीट पाने के लिए जद्दोजहद करते यात्री
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हल्द्वानी। रक्षाबंधन पर बसों में यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी जिससे लगातार दूसरे दिन अतिरिक्त बसें चलानी पड़ी हैं। इसके बावजूद बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में मारामारी की स्थिति रही। इस बीच महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई महिलाएं डग्गामार वाहनों और अन्य साधनों से गंतव्य के लिए रवाना हुईं तो कुछ को अपना प्लान रद्द करना पड़ा।
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बृहस्पतिवार को हल्द्वानी बस अड्डे पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का मुक्की हो रही थी। स्टेशन पर बस के पहुंचते ही यात्री सीट पाने के लिए उमड़ पड़ते। खिड़की से बस में सामान फेंककर लोग सीट पर कब्जा कर रहे थे। महिलाओं को सीट पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज स्टेशन पर हर जगह भीड़ थी। कई लोग बाहर सड़क पर ही बस का इंतजार कर रहे थे। दिल्ली से आने वाली बसों में भी काफी भीड़ थी। हालांकि दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या कम थी। रोडवेज प्रशासन ने हल्द्वानी से टनकपुर के लिए चार, बरेली के लिए तीन और रामनगर के लिए दो अतिरिक्त बसें भेजीं। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि अगले पांच दिनों में बसों में भीड़ रहने का अनुमान है।
रोडवेज की आय में हुआ इजाफा
बृहस्पतिवार को रोडवेज की आय में इजाफा हुआ है। हल्द्वानी डिपो ने एक दिन में 15.50 लाख रुपये की कमाई की है। रोडवेज प्रशासन के अनुसार, त्योहार पर भीड़ तो बढ़ी है लेकिन फिर भी कोरोनाकाल से पहले की तुलना में यात्री कम हैं। एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि कमाई बढ़ने से राहत मिली है। हालांकि ये पिछले सालों की अपेक्षा कम है। बताया कि अगले पांच दिनों में बसों में भीड़ रहने का अनुमान है।
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केमू की कमाई मेें खास बढ़ोतरी नहीं
हल्द्वानी। केमू अध्यक्ष सुरेश डसीला ने बताया कि कोरोनाकाल के बाद से त्योहारी सीजनों पर भी ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिल रही है। गर्मियों के सीजन में केमू की अच्छी कमाई हुई थी। रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से केमू को कुछ राहत मिली है।
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यात्रियों की बात
बहन से राखी बंधवाने के लिए रामनगर जाना था। बस में जगह नहीं थी। पूरे रास्ते खड़े होकर सफर किया। -विपुल
बसों में बहुत भीड़ है। रोडवेज प्रशासन को बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए, तब स्थिति काबू में आएगी। -करन जोशी
रक्षाबंधन पर दिल्ली जाना है, लेकिन बस में भीड़ देखते हुए प्लान टाल दिया है। अब और कोई व्यवस्था देखेंगे। -प्रीति सिंह
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